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चूल्हे से फैली आग से 10 मिनट में राख हो गई पूरी बस्ती

Tue, 26 Apr 2016 09:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 26 Apr 2016 09:11 PM IST
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Huge fire in gomatinagar in Lucknow.

गोमतीनगर विस्तार के मकदूमपुर गांव में रेल पटरी के किनारे बनी झोपड़ियों में मंगलवार की सुबह आग लग गई। भीषण लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरी की पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक फायर बिग्रेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं 49 आशियाने जलकर पूरी तरह राख हो गए।

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आग बुझाने की कोशिश करते हुए विशु और उसकी पत्नी रहीदन मामूली रूप से झुलस गए। बस्ती वालों के पास न तो खाने-पीने का सामान बचा और न ही कपड़े। डीएम राजशेखर व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिव प्रसाद यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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डीएम के निर्देश के बाद एडीएम पूर्वी, एडीएम ट्रांसगोमती, एडीएम राजस्व, जॉइंट मजिस्ट्रेट, सीएमओ, तहसीलदार समेत जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी रही।
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गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में शहीदपथ के किनारे-किनारे आसाम मूल के सैकड़ों गरीब परिवार झोपड़ी बनाकर रहते हैं। अधिकतर पुरुष कबाड़ और कूड़ा बिनने का काम करते हैं, जबकि महिलाएं आस-पास के फ्लैटों में चौका-बर्तन कर गुजर बसर करती हैं।

10 मिनट में ही आग ने झोपड़ियों को चपेट में ‌ले लिया

Huge fire in gomatinagar in Lucknow.
आग - फोटो : amar ujala

सुबह सभी काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे तभी एक झोपड़ी में आग लग गई। इसके बाद आग की लपटें फैलने लगीं। वहां चीख पुकार मच गई।

लोगों ने बाल्टियों से पानी फेंकना शुरू कर दिया, लेकिन आग ने 10 मिनट के भीतर ही आस पास की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।

इसके बाद वहां गोमतीनगर, इंदिरानगर, हजरतगंज फायर स्टेशन से दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। हालांकि गाड़ियां पहुंचने में एक घंटे से भी अधिक का समय लग गया और तब तक पूरी बस्ती जलकर राख हो गई।

दमकलकर्मियों ने लगभग साढ़े आठ बजे आग पर काबू पा लिया। 49 झोपड़ियों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग को पूरी तरह बुझाने में करीब तीन घंटे लगे।

लपटों में घिर गई थी सात साल की बच्ची

Huge fire in gomatinagar in Lucknow.

बस्ती के लोगों ने बताया कि आग सबसे पहले शमशुल के घर में लगी। शमशुल और उसकी पत्नी सुबह ही काम पर चले गए। घर में सात साल की मासूम शहाना चूल्हे पर बासी चावल गरम कर रही थी।

चूल्हे के पास उसकी मां की साड़ी टंगी थी। चूल्हे से पहले साड़ी में आग लगी। घर में कोई नहीं था तो शहाना भी काफी डर गई। वह आग की लपटों के बीच घिर गई। उसकी चीख-पुकार सुन पड़ोसियों ने जान बचाई।

इनकी जली झोपड़ी
रहीमा बेगम, अखलीमा बेगम, शहाबुद्दीन, हसीना बेगम, हफीजा खातून, आविदा खातून, सायरा खातून, अब्दुल, रोहितन खातून, नजमा खातून, जुलहास, सुकूर जान, सैदुल, आशमा खातून, शमसुलहक, अकबर अली, नूर जमाल, कबीर अली, मो. अली, नूरुलहस्लाम, रफीकुल खान, मरजीना, मारुन्निशा, वसिरन, सिराज, सादिक अली, रुप बानो, आयशा, आशा बानो, रमेशा खातून, साबिरन, मोफीदा, नूरजहां, कमला बेगम, वीसू, मोहीउद्दीन, अलीमा, लतीफ, रोमोन, समीर अली, सूरजजमा, पियार अली, रहीमा खातून, सैदुल इस्लाम, सनीउद्दीवान, अब्दुल कलाम, रफीकुल।

डीएम और मंत्री ने किया दौरा, मदद में बढ़े हाथ

Huge fire in gomatinagar in Lucknow.

आग की सूचना मिलने के बाद डीएम राजशेखर और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिव प्रसाद यादव ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया।

उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और अधिकारियों को स्थिति सामान्य हो जाने तक मौके पर डटे रहने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने भोजन के पैकेट और पानी की बोतलें बांटीं। सभी पीड़ित परिवारों को 20-20 किलो चावल और 5 किलो दाल बांटी गई। विजयश्री फाउंडेशन की ओर से भी खिचड़ी बांटी गई।

वहीं आस-पास के फ्लैटों में रहने वाले लोग पुराने कपड़े और अन्य राहत सामग्रियां लेकर पहुंचे। उनके लिए पानी का टैंकर उपलब्ध कराया।

वहीं सीएमओ की टीम ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाइयां बांटी। तहसीलदार ने पीड़ितों की सूची तैयार की और शाम तक उन्हें राहत राशि का चेक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

तिनका-तिनका जोड़कर बनाया था घर

Huge fire in gomatinagar in Lucknow.

तिनका-तिनका जोड़कर असम मूल के गरीब बस्ती वालों ने आशियाना तैयार किया था। कई साल तक मेहनत मजदूरी करके उन्होंने, जो आशियाना तैयार किया उसे जलते हुये पांच मिनट तक नहीं लगे। भीषण लपटों ने चंद मिनटों में ही उनका झोपड़ी ही नहीं बल्कि सपने तक जलाकर राख कर दिए।

अब कैसे होगी बेटी की शादी, बच्चे कैसे पढ़ेंगे
झोपड़ी में रहने वाले लतीफ, समीर, सूरजजमा ने बताया कि बस्ती में कई लड़कियों की शादी होने वाली थी। परिवार के लोगों ने बेटियों की शादी के लिए रुपये इकट्ठा कर रखे थे। अब न तो घर का सामान बचा न ही जमापूंजी। वहीं बच्चों की किताबें और बस्ता तक नहीं बचा।

तीन किलोमीटर तक आग की दहशत

Huge fire in gomatinagar in Lucknow.
आग से आशियाना तबाह हो जाने के बाद रोती एक युवती - फोटो : amar ujala

झोपड़पट्टी में लगी आग की लपटों से तीन किलोमीटर दूर तक दहशत फैल गई। शहीद पथ पर लोगों ने अपनी गाड़ियां खड़ी कर दीं, वहीं आस-पास के फ्लैटों में रहन वाले लोग भी बाहर निकल आए। लपटों को देखकर आस-पास के कई गांवों में लोग सहम गए थे। सुबह तेज हवाओं के चलते आग फैलने का डर था।

अग्निशमन विभाग के खिलाफ गुस्सा
बस्ती के लोगों में अग्निशमन विभाग के खिलाफ काफी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि सूचना देने के काफी देर बाद दमकल की गाड़ी वहां पहुंची। जब तक दमकल की गाड़ियां आईं, तब तक वहां सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।

कहा कि समय से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच जातीं तो काफी झोपड़ियों को जलने से बचाया जा सकता था।

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