{"_id":"aa9110fd09e52963ba57e5d9eda16f51","slug":"hridaynath-mangeshkar-in-lucknow-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीरा के भजनों से लंबोदर को रिझाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीरा के भजनों से लंबोदर को रिझाया
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 02 Sep 2014 04:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबोदर से मन्नत मांगने और उनका सिंदूराभिषेक करने वाले भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ सोमवार को शहर के पूजा पंडालों में रही।
विज्ञापन
पूजा पंडालों में कहीं भजनों की बयार बही तो कहीं फूलों की होली खेली गई। इसके अलावा नृत्य नाटिकाओं का मंचन भी हुआ।
श्रीगणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से रामाधीन कॉलेज मैदान में चल रहे श्रीगणेश महोत्सव के चौथे दिन चुटकी भर सिंदूर से 1008 बार लंबोदर का सिंदूराभिषेक किया गया।
इसके बाद शाम को लता मंगेशकर के भाई व गायक हृदयनाथ मंगेशकर ने गायिका विभावरी आप्टे के साथ भजनों से लंबोदर को प्रसन्न करने का प्रयास किया।
उन्होंने मीराबाई के भजन ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो...’, संत ज्ञानेश्वर के भजन ‘मनो सुण रे भ्रमरा...’ और संत तुकाराम के भजन ‘खेल मंडियेला...’ को सुनाकर माहौल को गणपतिमय बना दिया।
विज्ञापन
इसके अलावा कोलकाता से आए संजय नवीन बंधु व पैशन डांस ग्रुप द्वारा सूरदास की जीवन लीला पर नृत्य नाटिका पेश की गई।
वहीं, श्री सिद्घि गणेश मंदिर समिति द्वारा बीबीडी कैम्पस में दूर्वा से लंबोदर का महाभिषेक हुआ और बृज के कलाकारों ने फूलों की होली खेली।
कलाकारों ने रासलीला व मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर समां बांधा।
इसके अतिरिक्त आलमबाग, राजाजीपुरम, इंदिरानगर, अलीगंज इत्यादि इलाकों में सजे पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंगलवार को नौबस्ता में श्रीगणेश की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
विज्ञापन
बप्पा केदरबार के में राज्यपाल की अर्जी
गणेश प्राकट्य कमेटी के श्रीगणेश महोत्सव में राज्यपाल राम नाईक ने बप्पा के दरबार में सोमवार रात अर्जी लगाई। उनके साथ जिलाधिकारी राजशेखर भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाइयां दीं। उन्होंने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय जनमानस को जगाने के लिए प्रदेश में गणेश उत्सव की शुरुआत की थी।