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कहां गई डेंगू मरीजों के लिए खरीदी गई मच्छरदानी?

Sun, 22 Sep 2013 12:57 AM IST
मनीष सिंह/लखनऊ
मनीष सिंह/लखनऊ Updated Sun, 22 Sep 2013 12:57 AM IST
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hospitals in lucknow ignoring dengue patients

डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए खरीदी गई मच्छरदानी कहां गई किसी को पता नहीं।

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हालांकि, जानकारी के मुताबिक वर्ष 2010 में डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए राजधानी के अस्पतालों में मच्छरदानी खरीदी गई थी लेकिन अब वो कहां है ये किसी को पता नहीं।

वहीं अस्पतालों में नए डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

राजधानी में डेंगू का प्रकोप फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग मच्छरों से बचने के लिए लोगों को मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहा है। वहीं अस्पताल में डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज मच्छरदानी के बिना चल रहा है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 2010 में बलरामपुर अस्पताल के निदेशक रहे डॉ. शोभनाथ ने वार्ड में भर्ती डेंगू पीड़ित मरीजों को मच्छरदानी में रखने का आदेश जारी किया था जिसके लिए 50 से अधिक मच्छरदानियां खरीदी गई थीं।
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दो साल बाद वो मच्छरदानी कहां गईं किसी को पता नहीं है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. यूएन राय ने बताया की जब से हम लोगों की तैनाती अस्पताल में हुई है तब से कोई मच्छरदानी नहीं खरीदी गई है।

इसी तरह गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी कई मरीज डेंगू से पीड़ित हैं।

अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने बताया की अस्पताल प्रशासन ने कोई मच्छरदानी नहीं खरीदी है क्योंक अस्पताल के बेड में मच्छरदानी लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएल भार्गव ने बताया की मच्छरदानी की जरूरत उन मरीजों को होती है जिनमें निदेशालय से रिपोर्ट आने के बाद डेंगू की पुष्टि होती है। लेकिन जब तक रिपोर्ट आती है तब तक मरीज ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाता है।

सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके हसन ने बताया की अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य विभाग से मरीजों को मच्छरदानी लगाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। वहीं इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि पिछले साल मच्छरदानी खरीदी गई थी की नहीं।

मालूम हो कि डेंगू मच्छर दिन में काटता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डेंगू मच्छर ने किसी को काटा और उसके बाद दूसरे मरीज को काट लिया तो उसमें संक्रमण का खतरा अधिक हो जाता है।

वहीं खदरा और गोमतीनगर के विजय खंड में डेंगू फीवर से पीड़ित कई मरीज स्थानीय नर्सिंग होम में इलाज करा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि क्षेत्र में तेजी से मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम अब तक क्षेत्र में फॉगिंग करने नहीं पहुंची हैं।

लोगों की शिकायत है कि सीएमओं के कंट्रोल रूम नंबर 0522- 2622080 पर शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंचकर मरीजों की न तो जांच कर रही है और न ही फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।

डेंगू के पांच नए मरीज मिले
शनिवार को डेंगू से पीड़ित नए मरीज मिले। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. यूएन राय ने बताया की शनिवार तक मिली रिपोर्ट के मुताबिक अब तक डेंगू की कुल 402 जांचे की गई हैं जिसमें 40 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।


इसी तरह सिविल अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में सीएमएस डॉ. एसके हसन ने बताया की अस्पताल में अब तक कुल 275 से अधिक मरीजों के डेंगू टेस्ट कराए गए थे जिसमें से 22 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इस समय डेंगू के पांच से छह मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

लोहिया अस्पताल में दो नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।

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