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Lucknow News: अस्पताल को डॉक्टरों का इंतजार

Fri, 24 Jul 2026 02:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:27 AM IST
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Hospital awaits doctors
लखनऊ। डॉक्टर और स्टाफ न मिलने से फैजुल्लागंज स्थित 50 बेड के संयुक्त चिकित्सालय में दो महीने से ताला लटक रहा है। यह स्थिति तब है जब जिले में 70 से अधिक डॉक्टर सिर्फ दफ्तरों में फाइलें पलट रहे हैं। जूनियर डॉक्टर भी अफसर बने बैठे हैं। शासनादेश के तहत प्रशासनिक पद पर कार्यरत डॉक्टरों को हफ्ते में दो दिन सेवा देने का नियम है, फिर भी ये मरीजों का इलाज करने से बच रहे हैं।
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फैजुल्लागंज की आबादी करीब पांच लाख है। इलाके में कोई भी सरकारी अस्पताल न होने से मरीजों को इलाज के लिए आठ से दस किमी दूर जाना पड़ता है। यहां 50 बेड का अस्पताल बनकर तैयार है। कार्यदायी संस्था ने करीब दो माह पहले ही बिल्डिंग स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी थी। इसके बाद से यहां ताला लटक रहा है। सीएमओ की ओर से डॉक्टर व मैनपावर की मांग शासन को भेजी गई है, लेकिन अभी तक हुआ कुछ नहीं है।
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चिकित्साधिकारी को कार्यालय में दी तैनात
लेवल-1 के चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप सिंह को सीएमओ ने कार्यालय में अफसर बनाकर रखा है। नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन (एनयूएचएम) के सह नोडल का पद सृजित करके यह तैनाती की गई है, जबकि विभाग में लेवल-1 का कोई पद ही नहीं है। चिकित्साधिकारी को किसी सीएचसी या अस्पताल में सेवा देनी चाहिए। इसके बजाय उनसे निजी अस्पतालों की विजिट व एनएचएम के काम करवाए जा रहे हैं। इसी तरह 12 अन्य डॉक्टर प्रशासनिक पदों पर तैनात हैं। इनमें बेहोशी, नेत्र रोग, बाल रोग व अन्य विधा के विशेषज्ञ और आर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं। ये हफ्ते में दो दिन भी अस्पतालों में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि लेवल-1 के डॉक्टर की तैनाती सहयोगी के तौर पर की गई है।
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स्वास्थ्य भवन में 50 से अधिक डॉक्टर
स्वास्थ्य भवन में तीन महानिदेशक, संयुक्त निदेशक, अपर निदेशक समेत 50 से अधिक डॉक्टर हैं। इनमें से एक भी मरीज नहीं देख रहा है, जबकि पूर्व में तत्कालीन डीजी हेल्थ डॉ. डीएस नेगी ने कई डॉक्टरों को अस्पतालों से संबद्ध करके सेवा देने का आदेश जारी किया था। इसके बाद डॉक्टर हफ्ते में दो दिन विशेषज्ञता के आधार पर सेवा देते थे। हालांकि, समय बदलते ही अफसरों ने नियम बदल दिया है। स्वास्थ्य भवन में कार्यरत सभी डॉक्टर पूरे दिन सिर्फ फाइलें पलट रहे हैं।


कोट्स
फैजुल्लागंज के 50 बेड के अस्पताल की फाइल शासन को सीएमओ के स्तर से भेजी गई है। शासन से जल्द नए डॉक्टर और मैनपावर दी जाएगी।
- डॉ. पवन कुमार अरुण, स्वास्थ्य महानिदेशक
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