UP News: हादसे में मृत्यु होने पर होमगार्ड के आश्रितों को मिल रहे 35 लाख, एटीएस इस्तेमाल करने पर 45 लाख
यूपी सरकार की पहल से निजी बैंकों में वेतन खाता खुलने से आश्रितों को 35 लाख रुपय की रकम मिल रही है। दुर्घटना में होमगार्ड की मृत्यु पर बैंक 30 लाख तो विभाग पांच लाख आश्रितों को दे रहा है।
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उत्तर प्रदेश में तीन साल पहले होमगार्ड स्वयंसेवकों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि पाने के लिए विभागीय मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। आश्रितों के बैंक अकाउंट में बीमा के पांच लाख रुपये मिलते थे तो विभाग उनको अनुग्रह राशि नहीं देता था। ऐसे में उन्हें इसी से जिंदगी गुजर-बसर करनी पड़ती थी। पर, अब हालात बदल चुके हैं।
दुर्घटना में होमगार्ड स्वयंसेवक की मृत्यु पर उनके आश्रितों को 35 लाख रुपये मिल रहे हैं। यदि होमगार्ड एटीएम का इस्तेमाल करता है तो आश्रित 45 लाख रुपये पाने के हकदार होते हैं। होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने साल भर पहले इस पहल की शुरुआत की थी। उन्होंने होमगार्ड स्वयंसेवकों का सैलरी खाता एचडीएफसी, एक्सिस और कोटक महिंद्रा बैंक में खुलवाना शुरू किया। इसमें 30 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा शामिल था। वहीं, 6 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुपालन में विभाग पांच लाख रुपये आश्रितों को दे रहा है।
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ऐसे में बड़ी संख्या में होमगार्ड स्वयंसेवक इन बैंकों में खाता खुलवा रहे हैं। अब भारतीय स्टेट बैंक भी अपने यहां इन स्वयंसेवकों का खाता खोलने के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर रहा है। वह भी 30 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर देने को तैयार है। इतना ही नहीं, ये बैंक होमगार्ड्स को घर बनवाने, बच्चों की उच्च शिक्षा और शादी के लिए आसानी से कर्ज भी देने को तैयार रहते हैं।
1,277 होमगार्ड्स के आश्रितों को मिले पांच-पांच लाख रुपये
विभाग बीते ढाई साल में 1,277 होमगार्ड्स के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये दे चुका है। दरअसल, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 13 अगस्त 2021 को इसका शासनादेश जारी हुआ था। पर, विभाग ने घोषणा की तिथि से ही आश्रितों को अनुग्रह राशि देने का निर्णय लिया था। खास बात यह है कि यह राशि सामान्य परिस्थितियों में होने वाली मृत्यु में भी आश्रितों को दिया जा रहा है।
अब तक आठ परिवार हुए लाभांवित
बैंकों से दिए जाने वाले 30 लाख रुपये का लाभ अब तक आठ होमगार्ड स्वयंसेवकों के परिवारों को मिल चुका है। इनमें से तीन परिवारों को मुख्यमंत्री व होमगार्ड मंत्री अपने हाथों से चेक दे चुके हैं। हालांकि कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें वाहन चलाते वक्त हुई दुर्घटना के बाद होमगार्ड के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने की बात सामने आई।
इस वजह से उसके आश्रितों को इस बीमा का लाभ नहीं मिल सका। होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति का कहना है कि होमगार्ड स्वयंसेवक की मृत्यु पर उसके परिजनों को अब 35 लाख रुपये दिलवाने की व्यवस्था की गई है। एटीएम का भी इस्तेमाल करने पर बैंक की तरफ से 10 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाते हैं।