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लविवि: सेल्फ फाइनेंस कोर्सों के शिक्षकों को भी अवकाश स्वीकृत
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय व सहयुक्त महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित कोर्सों में कार्यरत शिक्षकों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा तोहफा दिया है। विवि प्रशासन ने इनके लिए न सिर्फ आकस्मिक, विशेष आकस्मिक, अर्धवेतन अवकाश स्वीकृत किया है बल्कि महिला शिक्षिकाओं के लिए प्रसूति अवकाश को भी हरी झंडी दे दी है।
रजिस्ट्रार संजय मेधावी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हाल ही में हुई कार्य परिषद की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है। इसके अनुसार, विश्वविद्यालय व सहयुक्त महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित कोर्सों में कार्यरत शिक्षकों को हर शैक्षिक वर्ष में आठ दिन का आकस्मिक अवकाश, 10 दिन का विशेष आकस्मिक अवकाश, 20 दिन का अर्र्धवेतन अवकाश, 180 दिन का प्रसूति अवकाश (पूरे सेवाकाल में दो बार) व 15 दिन का कर्तव्यावकाश स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा है कि यह निर्णय विवि व सहयुक्त महाविद्यालयों में चल रहे स्ववित्तपोषित कोर्सों में संविदा पर कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए मान्य होगा। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के सह संयोजक डॉ. शिवकुमार ने लविवि की ओर से जारी आदेश का स्वागत किया है। साथ ही यह मांग की है कि 13 मार्च को जारी शासनादेश का अक्षरश: अनुपालन विश्वविद्यालय व सभी महाविद्यालयों में कराया जाए।
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रजिस्ट्रार संजय मेधावी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हाल ही में हुई कार्य परिषद की बैठक में इसे हरी झंडी दे दी गई है। इसके अनुसार, विश्वविद्यालय व सहयुक्त महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित कोर्सों में कार्यरत शिक्षकों को हर शैक्षिक वर्ष में आठ दिन का आकस्मिक अवकाश, 10 दिन का विशेष आकस्मिक अवकाश, 20 दिन का अर्र्धवेतन अवकाश, 180 दिन का प्रसूति अवकाश (पूरे सेवाकाल में दो बार) व 15 दिन का कर्तव्यावकाश स्वीकृत किया गया है।
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उन्होंने कहा है कि यह निर्णय विवि व सहयुक्त महाविद्यालयों में चल रहे स्ववित्तपोषित कोर्सों में संविदा पर कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए मान्य होगा। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के सह संयोजक डॉ. शिवकुमार ने लविवि की ओर से जारी आदेश का स्वागत किया है। साथ ही यह मांग की है कि 13 मार्च को जारी शासनादेश का अक्षरश: अनुपालन विश्वविद्यालय व सभी महाविद्यालयों में कराया जाए।
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