अयोध्या में 1111 फीट ऊंचा बने राममंदिर, जिससे इस्लामाबाद से नजर आए जगमगाहट: वेदांती
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पूर्व सांसद व रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य महंत डॉ. रामविलास दास वेदांती ने रामलला के हक में फैसला आने के बाद पहली बार शनिवार को रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि अयोध्या में विश्व का सबसे बड़ा मंदिर बने।
अयोध्या में जो राममंदिर बनने वाला है वह 1111 फीट ऊंचा होना चाहिए। कराची, इस्लामाबाद, श्रीनगर से इसकी जगमगाहट नजर आए, जिससे विश्व को अयोध्या की धार्मिक गरिमा का अहसास हो।
साधु-संतों की ट्रस्ट में भागीदारी के लिए छिड़ी रार पर कहा कि कहीं कोई रार नहीं है। कांग्रेस द्वारा कुछ आयातित संत षड्यंत्र के तहत अयोध्या के संतों को आपस में लड़ाना चाहते थे लेकिन वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। कहा कि ट्रस्ट में रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास व नाथ संप्रदाय के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी शामिल किया जाना चाहिए साथ ही राममंदिर आंदोलन से जुड़े संतों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
प्रयोग किया जाएगा विहिप का मॉडल
उन्होंने कहा कि अभी तो ट्रस्ट बनना है इसके बाद ही राममंदिर कितना भव्य व दिव्य होगा, कौन सा मॉडल प्रयुक्त होगा सब तय किया जाएगा लेकिन मंदिर में विहिप का मॉडल जरूर लगेगा। सवा रुपये चंदा देकर और रामभक्तों के खून पसीने से एकत्र की गई शिलाएं भी राममंदिर में प्रयोग होंगी। इसकी उपेक्षा नहीं होगी।
मुस्लिम पक्ष द्वारा अयोध्या मामले में आए फैसले के विरोध में पुनर्विचार याचिका दाखिल किए जाने पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों ने फैसला सुना दिया है हमें उम्मीद है कि अब पुनर्विचार याचिका का कोई औचित्य नहीं है। अदालत इसे स्वीकार भी नहीं करेगी। इस दौरान महंत डॉ. राघवेश दास वेदांती, महंत सत्येंद्र दास वेदांती सहित अन्य मौजूद रहे।