फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Highlights of press conference of Ravi Shankar Prasad and Yogi Adityanath on Kisan movement

किसान आंदोलन: विपक्ष हुआ एकजुट तो आक्रामक हुई भाजपा, जानिए किन मुद्दों पर कटघरे में हैं विरोध करने वाले

Mon, 07 Dec 2020 05:42 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 07 Dec 2020 05:42 PM IST
विज्ञापन
Highlights of press conference of Ravi Shankar Prasad and Yogi Adityanath on Kisan movement
cm yogi - फोटो : अमर उजाला।
कृषि कानूनों के विरोध में बैठे किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसके समर्थन में किसान संगठनों ने आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। देशभर में किसानों द्वारा बुलाए गए इस बंद को समर्थन मिल रहा है और इसके साथ ही तमाम राजनीतिक पार्टियां किसानों के समर्थन में सामने आ गई हैं। इन राजनीतिक पार्टियों के लामबंद होने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने भी इस पर अपना कड़ा रुख इख्तियार कर लिया है। आज इस संबंध में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर प्रहार किया और उनकी नियत पर सवाल खड़े किए। भाजपा के इन नेताओं ने जिन मुद्दों को उठाने का प्रयास किया वो निम्न प्रकार हैं- 
विज्ञापन


विपक्ष कर रहा अपना वजूद बचाने की कोशिश
किसान आंदोलन के नेताओं ने साफ-साफ कहा है कि राजनीतिक लोग हमारे मंच पर नहीं आएंगे। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। लेकिन ये सभी कूद रहे हैं, क्योंकि इन्हें भाजपा और नरेंद्र मोदी जी का विरोध करने का एक और मौका मिल रहा है। विपक्ष अपना वजूद बचाने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन


2019 के चुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र पर सवाल
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने 2019 के चुनाव में अपने चुनाव घोषणा पत्र में साफ-साफ कहा है कि वो एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट एक्ट को समाप्त करेगी और किसानों को अपनी फसलों के निर्यात और व्यापार पर सभी बंधनों से मुक्त करेगी। अब क्या हुआ वो इससे पीछे क्यों हट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शरद पवार की मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी पर सवाल
शरद पवार जब देश के कृषि और उपभोक्ता मामलों के मंत्री थे तो उन्होंने देश के सारे मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि मंडी एक्ट में बदलाव जरूरी है, निजी सेक्टर का आना जरूरी है, किसानों को कहीं भी अपनी फसल बेचने का अवसर मिलना चाहिए।

मुलायम के बहाने समाजवादी पार्टी पर निशाना
अखिलेश जी एग्रीकल्चरल स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आई है। उसमें आपके पिता मुलायम सिंह यादव भी सदस्य हैं। उन्होंने भी उस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा है कि ये बहुत जरूरी है कि किसानों को मंडियों के चंगुल से मुक्त किया जाए।


नए कानून को नोटिफाई करने पर 'आप' को घेरा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कहा, 'नए कानून को 23 नवंबर 2020 को दिल्ली सरकार ने गजट करके नोटिफाई कर दिया था। एक तरफ आप विरोध कर रहे हैं दूसरी तरफ नोटिफाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed