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हाईकोर्ट ने पलटा यूपी सरकार का फैसला, वक्फ बोर्ड के हटाए गए सभी सदस्य बहाल

Fri, 23 Jun 2017 07:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 23 Jun 2017 07:33 PM IST
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 highcourt reinstates all six members of waqf board.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी सरकार के फैसले को पलटते हुए वक्फ बोर्ड के हटाए गए सभी छह सदस्यों को बहाल कर दिया है। कोर्ट के फैसले से यूपी सरकार की बड़ी किरकिरी हो रही है।

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आपको बता दें कि शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड में सम्पत्ति को लेकर अनियमितता व घोटाले की आशंका के मद्देनजर यूपी सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी और बोर्ड के छह सदस्यों को हटा दिया था। शिया वक्फ बोर्ड में 10 सदस्य हैं। इनमें से छह सदस्य अखिलेश यादव सरकार ने नामित किए थे।
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हटाए गए सदस्यों में कौशांबी निवासी पूर्व राज्यसभा सदस्य अख्तर हसन रिजवी, मुरादाबाद के सैयद वली हैदर, मुजफ्फरनगर की अफशां जैदी, बरेली के सैयद आजिम हुसैन जैदी, शासन में विशेष सचिव नजमुल हसन रिजवी तथा आलिमा जैदी  शामिल हैं। हालांकि, अब इन्हें फिर से बहाल कर दिया गया है।
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राज्य सरकार ने शिया-सुन्नी वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी की थी। विभाग ने दोनों बोर्ड के अध्यक्षों पर वक्फ संपत्तियों में करोड़ों रुपये के घोटाले और अनियमितता का आरोप लगाया था।

देखें, क्या था पूरा मामला

 highcourt reinstates all six members of waqf board.

दरअसल, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन पर वक्फ की सम्पतियों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप थे। धर्मा‌र्थ कार्यमंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने भी कहा था कि यूपी में वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जमीनों पर अवैध तरीके निर्माण करा रहे हैं। जिसे लेकर उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से जांच कराने व सीबीआई जांच की सिफारिश करने का भी पत्र लिखा था। उन्होंने पर्याप्त सुबूत होने की भी बात की थी।

पत्र में मंत्री ने लिखा था कि वक्फ की सम्पत्तियों को मनमाने तरीके से बेचा गया और अवैध निर्माण कराकर अरबों रुपये का घोटाला किया गया है। इसलिए मामले की जांच कराई जाए और शिया व सुन्नी बोर्ड के चेयरमैन को बर्खास्त कर दिया जाए। जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कठोर फैसला करते हुए वक्फ बोर्ड के छह सदस्यों को हटा दिया था।

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