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सपा विधायक की दबंगई पर बोला हाईकोर्ट
टीम डिजीटल/लखनऊ
Updated Sun, 06 Oct 2013 02:50 AM IST
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने किला मोहम्मदी में एलडीए की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने के मामले में सपा विधायक शारदा प्रताप शुक्ला को नोटिस जारी किया है।
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कोर्ट ने इसे गंभीर मामला करार देते हुए एलडीए व अन्य पक्षकारों से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। इसके साथ ही संबंधित स्थल पर किसी तरह के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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न्यायमूर्ति अब्दुल मतीन व न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार सिंह की खंडपीठ ने शनिवार को यह आदेश एक व्यवसायी व सामाजिक कार्यकर्ता बृजभान सिंह यादव की पीआईएल पर दिया।
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याची ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शुक्ला पर आरोप लगाया कि उन्होंने किला मोहम्मदी में एलडीए के नाम दर्ज भूखंड नंबर 249, 250, 251 पर कब्जा कर रखा है।
याचिका में प्रमुख सचिव आवास, एलडीए के वीसी समेत लखनऊ के डीएम, एसएसपी व नगर आयुक्त को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया गया है।
विधायक व पांचों अधिकारियों के साथ ही आयुर्वेदिक एवं यूनानी सरकारी अस्पताल बंगला बाजार के मेडिकल अफसर व सूबे के सतर्कता निदेशक को भी पक्षकार बनाया गया है।
14 दुकानों और मंदिर का निर्माण कराया
बृजभान सिंह ने याचिका में कहा है कि वे भी किला मोहम्मदी नगर के किसान परिवार से हैं। शहर विकास योजना के तहत उनकी पूरी पैतृक खेतिहर जमीन वर्ष 1986 में कानपुर रोड आवासीय योजना के लिए अधिग्रहीत की गई थी।
विधायक ने अपने रसूख का दुरुपयोग कर तीनों भूखंडों पर अतिक्रमण कर 14 दुकानों का निर्माण करा लिया। इसके साथ ही इस अवैध कब्जे पर कोई उंगली न उठाए इस नीयत से मां दुर्गा का मंदिर भी बनवा दिया।
एलडीए की जमीन से विधायक कर रहे कमाई
अवैध निर्माण से विधायक की अच्छी खासी आमदनी है। याचिका में कहा गया है कि 10 साल से सरकारी अस्पताल को 6 हजार रुपये मासिक किराए पर परिसर दिया गया है। इसके साथ ही यहां बने कमरों व दुकानों से करीब 70 हजार रुपये हर महीने किराया वसूला जा रहा है।
याची के वकील राजीव सिंह ने दलील दी कि इस मामले में एलडीए की जवाबदेही तय करने के लिए सतर्कता निदेशक को जांच करने के निर्देश दिए जाने चाहिए। उधर, राज्य सरकार की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता आईपी सिंह व एलडीए के अधिवक्ता पेश हुए।