12 स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हाई पावर कमेटी की हां
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राजधानी लखनऊ सहित सूबे के 12 शहरों के स्मार्ट सिटी प्रस्तावों पर मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता वाली राज्यस्तरीय उच्चाधिकार समिति ने सहमति दे दी है। पांच साल के लिए तैयार प्रस्ताव में बताया गया है कि कौन-कौन से काम किस तरह कराए जाएंगे। इसके लिए पैसा कहां से आएगा, इसकी भी चर्चा की गई है। अब ये प्रस्ताव केंद्र को भेजे जाएंगे। इसके बाद इन पर अमल शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में सूबे से चयनित 12 शहरों के स्मार्ट सिटी प्रस्तावों का शुक्रवार को मुख्य सचिव के सामने प्रजेंटेशन दिया गया। इस दौरान नगर आयुक्तों और नोडल अधिकारियों ने अपने शहरों के डवलपमेंट प्लान की विस्तृत रूपरेखा पेश की। प्रजेंटेशन देखने के बाद समिति ने सहमति दे दी।
सचिव नगर विकास एसपी सिंह ने बताया कि तय समय में ये प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। मुख्य सचिव ने इन प्रस्तावों पर समयबद्ध अमल के लिए परिवहन, आवास, स्टेट आर्कियोलॉजिकल, भूगर्भ जल, गृह व यातायात आदि विभागों को सहयोग के लिए निर्देश दिए हैं।
बैठक में मुरादाबाद की मेयर वीना अग्रवाल, अलीगढ़ की मेयर शकुंतला भारती और झांसी की मेयर किरन वर्मा व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पहले चरण में केंद्र सरकार की मिलेगी मदद
चयनित शहरों में पहले चरण के तहत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की योजनाएं लागू की जाएंगी। इसमें गैर ऊर्जा स्रोत मंत्रालय के सोलर मिशन, ऊर्जा मंत्रालय की आईपीडीएस/एसीएडीए योजना, पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय की पीएनजी योजना व आईटी मंत्रालय की मेघराज क्लाउड को लागू किया जाएगा।
प्रदेश के संबंधित विभाग चयनित शहरों के लिए योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव केंद्र को भेजेंगे।
इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय स्तर पर व नगर निगमों के स्तर पर एक लिंक खाता भी खोलना होगा। इससे योजना से जुड़ी रकम इस खाते में हस्तांतरित की जाती रहेगी।
ये बनेंगे स्मार्ट सिटी
लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, मुरादाबाद, रामपुर, सहारनपुर व वाराणसी।
स्मार्ट सिटी में ये सबकुछ होगा खास
उच्चाधिकार समिति ने स्मार्ट सिटी की समस्याओं के स्मार्ट समाधान की योजना को भी मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत पैनसिटी आधारित कार्यों में ई-गवर्नेंस, वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर मैनेजमेंट, एनर्जी मैनेजमेंट, अर्बन मोबिलिटी के कार्य होंगे जबकि कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, ई-गवर्नेंस से जुड़े काम होंगे।
इन शहरों को मॉडल की तरह विकसित किया जाएगा ताकि दूसरे शहरों को भी उसी तर्ज पर विकसित किया जा सके।
13वीं स्मार्ट सिटी पर फैसला नहीं
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 12 स्मार्ट शहरों के प्रस्तावों पर तो चर्चा हुई, लेकिन 13वीं स्मार्ट सिटी अब तक फाइनल नहीं हो पाई है। रायबरेली और मेरठ में से एक का चयन होना है।