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यूपी लोकसेवा अधिकरण के अध्यक्ष व सदस्यों को हटाने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Wed, 17 Jul 2019 07:41 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 17 Jul 2019 07:41 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को यूपी लोक सेवा अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना समेत दस लोगों को हटाने के प्रदेश सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। राज्य सरकार ने पिछले दिनों इन सभी को हटाने के आदेश जारी किए थे।
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न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुधीर कुमार सक्सेना की लंबित याचिका पर दिए। प्रदेश सरकार ने लोक सेवा अधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों पर अमल करते हुए अधिकरण के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों को हटाने का आदेश दिया था। हटाए जाने वालों में अधिकरण के उपाध्यक्ष अवकाश प्राप्त आईएएस रोहित नंदन और राधेश्याम सिंह के अलावा सात सदस्य शामिल थे। प्रमुख सचिव न्याय दिनेश कुमार सिंह (द्वितीय) ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया था।
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सपा सरकार ने अधिकरण के अध्यक्ष की उम्र 67 वर्ष से 70 वर्ष व सदस्य की 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी थी। भाजपा सरकार ने 2017 में इसे बदलकर फिर से पहले की तरह अध्यक्ष के लिए 67 व सदस्य के लिए 62 वर्ष कर दी थी। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में चला गया था। अधिकरण में अध्यक्ष समेत सभी पीठासीन अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी कई दिनों तक प्रदर्शन किया। अधिकरण में पदों के खाली होने से न्यायिक कार्य पूरी तरह से बंद है।
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