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हाईकोर्ट ने अब चुनाव आयोग को दिया नोटिस
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 20 Jul 2013 10:02 AM IST
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सांसद और विधायक का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के चुनावी खर्च का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रत्याशियों के खर्च की सीमा उनके प्रत्याशी घोषित होने की तारीख से जोड़े जाने के आग्रह वाली एक याचिका पर केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने आयोग को अपना पक्ष पेश करने के लिए दो हफ्ते का समय देकर अगली सुनवाई 7 अगस्त को नियत की है। याचिका में साफ-सुथरे चुनाव के मद्देनजर प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की निगरानी किए जाने की भी गुजारिश की गई है।
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वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश सामाजिक कार्यकर्त्री नूतन ठाकुर की याचिका पर दिया।
याची के वकील अशोक पांडेय केमुताबिक, सांसद व विधायक का चुनाव लड़ने के लिए क्रमश: 40 लाख व 15 लाख रुपये की खर्च सीमा तय की गई है।
इसकी गणना चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करने की तारीख से आयोग करता है।
याची का कहना है कि चुनावी खर्च की गणना उस तारीख से की जानी चाहिए जबसे राजनीतिक दल अपने प्रत्याशी घोषित करता है या फिर निर्दलीय लड़ने वाला प्रत्याशी, खुद को प्रत्याशी घोषित कर प्रचार की शुरुआत करता है।
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उधर, चुनाव आयोग की तरफ से अधिवक्ता ओपी श्रीवास्तव ने पेश होकर पक्ष प्रस्तुत करने का समय दिए जाने की गुजारिश की।
कोर्ट ने मामले में चुनाव आयोग को जवाबी हलफनामा दाखिल करने को दो हफ्ते का समय देकर अगली सुनवाई 7 अगस्त को नियत की है।