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हाईकोर्ट ने कहा : आवश्यक होने पर ही पेड़ कटे और एक काटें तो दो लगाएं, उसकी वृद्धि भी सुनिश्चित करें अधिकारी
Thu, 24 Nov 2022 12:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 24 Nov 2022 12:59 PM IST
सार
सीतापुर जिले के बरगवां गांव में जल शक्ति मिशन के तहत बोरवेल और ओवर हेड टैंक के निर्माण के लिए एक जमीन को चिह्नित की गई है। राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि उस जमीन से अब तक एक नीम, तीन चिलवाल और एक बड़हल का पेड़ हटाया गया है जो लगभग दो साल पुराने थे।
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा है कि आवश्यक होने पर ही पेड़ काटे जाएं। जल शक्ति मिशन के तहत बोरवेल और ओवर हेड टैंक के निर्माण के लिए पेड़ काटे जाने की आवश्यकता पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि जहां एक पेड़ काटा जाना हो वहां अधिकारी दो पेड़ लगाएं और उसकी वृद्धि भी सुनिश्चित करें। न्यायालय ने कहा कि कोई भी पेड़ वन विभाग की अनुमति के बाद ही काटा जाए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अनिल कुमार की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर पारित किया। याचिका में उस प्रस्ताव को चुनौती दी गई थी जिसके तहत सीतापुर जिले के बरगवां गांव में जल शक्ति मिशन के तहत बोरवेल और ओवर हेड टैंक के निर्माण के लिए एक जमीन को चिह्नित की गई है।
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याची की ओर से दलील दी गई थी कि उस जमीन पर काफी मात्रा में पेड़ लगे हुए हैं निर्माण के लिए काट दिया जाएगा। हालांकि याचिका पर राज्य सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि उस जमीन से अब तक एक नीम, तीन चिलवाल और एक बड़हल का पेड़ हटाया गया है जो लगभग दो साल पुराने थे। इसके अलावा अब तक कोई पेड़ नहीं गिराया गया है और न ही निर्माण कार्य के लिए कोई अन्य पेड़ गिराए जाने की आवश्यकता है। न्यायालय ने इस जवाब के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए आदेश दिया कि यदि किसी पेड़ को हटाना हो तो एक के बदले दो पेड़ लगाए जाएं।
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