नियुक्तिपत्र को लेकर हाईकोर्ट ने दिया ये निर्देश
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हाईकोर्ट ने परिषदीय विद्यालयों में 72825 प्रशिक्षु अध्यापकों की नियुक्ति के मामले में निर्देश दिया है कि पहले, दूसरे और तीसरे चरण की काउंसलिंग करा चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाए।
हालांकि उनकी नियुक्ति याचिका के अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगी। कोर्ट ने प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब भी मांगा है।
राजीव कुमार सिंह और अन्य द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने यह आदेश दिया।
याचियों के वकील अनिल बिसेन और अग्निहोत्री कुमार के मुताबिक प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती के लिए तीन चरण की काउंसलिंग कराई जा चुकी है।
चौथे चरण में हाई थी मेरिट
शेष बचे हुए पदों के लिए चौथे चरण की काउंसलिंग कराई गई। चूंकि चौथे चरण में अभ्यर्थियों की मेरिट काफी ऊपर चली गई इसलिए अनंतिम सूची में पहले, दूसरे और तीसरे चरण के कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों का नाम सूची से बाहर कर दिया।
अधिवक्ताओं की दलील थी कि शुरू के तीन चरणों की काउंसलिंग में चयन प्रक्रिया पूरी हो गई। चौथी काउंसलिंग बचे हुए पदों के लिए कराई गई इसलिए उनकी मेरिट के आधार पर पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों को बाहर करना गलत है।
याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने अंतरिम आदेश में याचीगणों को नियुक्तिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है।