फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   high court favours anti romeo campaign

एंटी रोमियो अभियान को हाईकोर्ट ने ठहराया सही, कहा बदल सकते हैं नाम

Fri, 31 Mar 2017 11:26 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Mar 2017 11:26 AM IST
विज्ञापन
high court favours anti romeo campaign
डेमो प‌िक

एंटी रोमियो अभियान को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सही ठहराया है। अदालत ने कहा-प्रदेश सरकार का यह एक ‘सिग्नल प्रोजेक्ट’ है। यह प्रदेश के नागरिकों के लिए संकेत है कि अब समय आ चुका है कि वे भी अब नैतिक अनुशासन के लिए अपने बच्चों को शिक्षित करें। 

विज्ञापन


अदालत ने  ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ के खिलाफ दायर याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। याचिका में कहा गया था कि यह स्क्वॉयड नागरिकों की निजता का हनन कर रही है।
विज्ञापन

 
युवक-युवतियोंके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रही है, ‘मॉरल पुलिसिंग’ भी की जा रही है। पर अदालत ने इन तर्कों को नहीं माना। हाईकोर्ट ने पुलिस के लिए कहा कि वह इस स्क्वॉयड के लिए बनी गाइडलाइंस का पूरा पालन करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची :  निजता के अधिकार पर अतिक्रमण
गौरव गुप्ता की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार को ऐसी अति नहीं करनी चाहिए, जिसकी वजह से वयस्कों और युगलों के निजता के अधिकार पर अतिक्रमण हो। 

उन्हें पुलिस द्वारा संदेह की नजरों से देखा जाए जैसे वे कोई गैर-कानूनी काम कर रहे हों। इसकी वजह से समाज की शांति बिगड़ सकती है। वहीं ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ जैसे शब्द की वजह से समाज का सामान्य माहौल बिगड़ सकता है और बेगुनाह युगलों में खौफ फैल सकता है। 

कानूनी रूप से नहीं है गलत

high court favours anti romeo campaign
डेमो प‌िक - फोटो : amar ujala

याचिका में कहा गया था कि पुलिस निरंकुश होकर शक्तियों का उपयोग कर रही है, जो संविधान के खिलाफ है। ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ के लिए कोई गाइडलाइन नहीं बनाई गई, ऐसे में इसका उपयोग जनहित में नहीं मॉरल पुलिसिंग में हो रही है। यह गैर-कानूनी है, इसलिए हाईकोर्ट इसे रुकवाए।

प्रदेश सरकार :  नागरिक भी कानून से बंधे, वे भी कानून मानें
गृह विभाग की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता और एसएसपी लखनऊ ने हाईकोर्ट में बताया कि डीजीपी ने इस मामले से संबंधित आदेशों में साफ कहा है कि आईपीसी, सीआरपीसी, पुलिस एक्ट, यूपी पुलिस रेग्युलेशंस और अन्य कानूनों के भीतर रहते हुए ही काम किया जाए। 

ऐसे में स्क्वॉयड की गतिविधियों को गैर-कानूनी नहीं कहा जा सकता। पुलिस गाइडलाइंस के तहत काम कर रही है। वहीं प्रदेश के नागरिक भी कानूनी से बंधे हैं जिन्हें कानून लागू करने वाली एजेंसी की बात भी माननी होगी।

अदालत ने यह कहा...
सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता को रोक ने का अभियान 
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस को सादे लिबास में ‘शैडो सर्विलांस’ के लिए पूरी शक्ति है। ऐसा करके वह अपराधों को रोकने का काम करती है। 

डीजीपी के आदेशों के बाद पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता को रोकने का अभियान शुरू किया है। इसके जरिए महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले और उनसे खराब व्यवहार को रोका जाए। संवैधानिक या कानूनी रूप से इन आदेशों में कुछ गलत नहीं है।

नाम बदलने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र

high court favours anti romeo campaign
डेमो प‌िक - फोटो : amar ujala

जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस संजय हरकौली ने कहा कि ‘एंटी रोमियो स्क्वॉयड’ के नाम को लेकर भी आपत्ति या विवाद हो सकता है। 

लेकिन इस पर हाईकोर्ट कुछ नहीं करेगा। प्रदेश सरकार चाहे तो वह इसका नाम बदलने के लिए स्वतंत्र है ताकि इस नाम से किसी को बुरा न लगे। वहीं पुलिसकर्मियों की संख्या अगर कम है तो राज्य सरकार विभाग में मौजूद वैकेंसी को भरने के लिए कदम उठा सकती है।

याची ने अभियान के दौरान वीडियोग्राफी और फिर उसे सोशल मीडिया पर डालने पर आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि कानून की भावना के अनुरूप गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए वीडियोग्राफी साक्ष्यों के लिए की जाती है। 

यह निजता का हनन नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को अपनी वीडियोग्राफी पर आपत्ति है तो वह इसके खिलाफ केस दर्ज करवा सकता है।राज्य सरकार का सहयोग हर नागरिक का दायित्व
याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राज्य सरकार के साथ सहयोग करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करवाए। ऐसी गतिविधियां बंद होनी चाहिए जो महिलाओं के सम्मान के लिए अशोभनीय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed