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40 साल बाद हुई इतनी बारिश, नहीं पहुंचा फसलों और तटबंधों को नुकसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:37 PM IST
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बाढ़ की तैयारियों के बारे में विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने बाढ़ को लेकर गठित स्टीयरिंग कमेटी की बैठक बुला कर पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए थे।
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इसी का नतीजा है कि 31 जुलाई तक हुई भारी बारिश के बाद भी अब तक किसी जिले में तटबंध क्षतिग्रस्त होने या फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है, जबकि 40 साल बाद प्रदेश में इतनी बारिश हुई है।
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बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा के बाद सिंचाई मंत्री ने कहा बैठक में दिए गए निर्देश के मुताबिक बाढ़ प्रभावित 24 अति संवेदनशील और 16 संवेदनशील जिलों में बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी की गई है। जून में ही सभी जिलों के डीएमए एसएसपी व एनडीआरफ के साथ बैठक कर तैयार की गई रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया था।
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उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित सभी जिलों के डीएम व एसएसपी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। समीक्षा बैठकों में भी जानकारी मिल रही है कि सभी तैयारी पूरी है। आपात स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत सामग्री की व्यवस्था पहले ही कर ली जाए। बाढ़ से बर्बाद होने वाले गांवों को बसाने के लिए भी पहले से ही स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं।
इससे पहले सिंचाई मंत्री ने बृहस्पतिवार को बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री द्वारा हार बार की तुलना में इस बार चौगुना अधिक 385 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसलिए बाढ़ से निपटने की तैयारी में किसी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर जायजा लेने और जनता को तैयारियों के बारे में जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। मंत्री ने वितरण केलिए राहत सामग्री तैयार रखे ने के साथ ही विशेष सचिव सिंचाई मोहन को सभी बाढ़ प्रभावित 40 जिलों के डीएम से लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया है।
सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं नदियों की वर्तमान स्थिति और कटान से संबंधित सूचना प्रतिदिन एकत्र किया जाए और तटबंधों की सुरक्षा की व्यवस्था चौक-चौबंद रखा जाए।
इस मौके पर अधिकारियों ने सिंचाई मंत्री को बताया कि सभी जिलों में बाढ़ चैकियां स्थापित करने के साथ ही डीएम की अध्यक्षता में भी स्टीयरिंग कमेटी के गठन और जिलों में नोडल अधिकारी नामित करने का काम पूरा कर लिया गया है।
बैठक में बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री स्वाती सिंह, राज्यमंत्री सिंचाई बलदेव सिंह औलख, सचिव सिंचाई राजमणि यादव, विशेष सचिव सारिका मोहन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष कुणाल कुलश्रेष्ठ, प्रमुख अभियन्ता एके सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।