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बिना सर्जरी बदले जा रहे गंभीर मरीजों के दिल के वॉल्व

Wed, 29 Sep 2021 01:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 01:30 AM IST
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Heart volve change without open heart surgery
बुजुर्ग और अति गंभीर बेहद कमजोर मरीजों के दिल के वॉल्व भी अब बिना सर्जरी के बदले जा रहे हैं। पहले वॉल्व बदलने के लिए ज्यादातर ओपन हार्ट सर्जरी ही विकल्प हुआ करता था। केजीएमयू के हृदय रोग विभाग में ट्रांस कैथेटर एओर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट (टीएवीआर) तकनीक की वजह से यह संभव होने लगा है। सामान्य के मुकाबले यह तकनीक महंगी है। जानकारी न होने की वजह से फिलहाल इसके लाभार्थियों की संख्या थोड़ी कम है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह तकनीक सस्ती होगी तथा लोगों में प्रसार होने पर इसके लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी।
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केजीएमयू के हृदय रोग विभाग के मीडिया प्रभारी डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि टीएवीआर तकनीक का प्रयोग करने से सीने को पूरी तरह से खोलना नहीं पड़ता है। बल्कि पैर की नस या कमर के पास से कैथेटर लेकर दिल तक पहुंचकर वॉल्व को स्थापित कर दिया जाता है। वैसे तो इसे सभी मरीजों के लिए किया जा सकता है पर बुजुर्ग और ऐसे मरीज जिनकी प्रतिरोधक क्षमता काफी कम है, उनके लिए यह बहुत उपयोगी है। इन मरीजों की ओपन हार्ट सर्जरी काफी रिस्की है। ऐसे में बिना सर्जरी वॉल्व बदलना ही एक विकल्प होता है। टीएवीआर तकनीक ऐसे मरीजों के लिए बहुत ही उपयोगी है। कम खतरा उठाये ऐसे मरीजों के वॉल्व आसानी से बदल जाते हैं।
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फिलहाल महंगी है यह तकनीक
यह तकनीक फिलहाल काफी महंगी है। ओपन सर्जरी करके जहां करीब दो लाख रुपये में एआर्टिक वॉल्व बदल जाते हैं तो दूसरी ओर इस तकनीक का खर्च करीब 15 लाख रुपये आता है। इसलिए बुजुर्ग और गंभीर मरीज ही इस विकल्प का चयन कर रहे हैं।
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दूसरे दिन से चलने लगता है मरीज
डॉक्टरों के अनुसार आमतौर पर वॉल्व बदलने के दूसरे दिन से मरीज चलना-फिलना शुरू कर देते हैं। करीब पांच दिन की निगरानी के बाद उनको छुट्टी भी दे दी जाती है। डिस्चार्ज होने के बाद कुछ समय तक मरीज को डॉक्टर की निगरानी में ही रखा जाता है।

केजीएमयू में इस साल तीन ने किया चयन
डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि महंगी तकनीक और जानकारी कम होने की वजह से ज्यादातर लोग ओपन सर्जरी का विकल्प चुनते हैं। इसके बावजूद इस साल अब तक तीन मरीजों के इस तकनीक का उपयोग करके वॉल्व बदले जा चुके हैं। आने वाले दिनोें में उम्मीद करते हैं कि इनकी संख्या और बढ़ेगी।
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