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प्रदेश में बढ़ते वायु प्रदूषण के रोकथाम मामले की सुनवाई लखनऊ हाईकोर्ट में 3 अप्रैल को
Fri, 29 Mar 2019 12:34 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 29 Mar 2019 12:34 AM IST
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प्रदूषण
- फोटो : GettyImages
प्रदेश में बढ़ रहे वायु प्रदूषण से निजात दिलाने को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जवाबी हलफनामा दाखिल किए। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई 3 अप्रैल को नियत की है।
याचिकाकर्ता सक्षम फाउंडेशन चैरिटेबल सोसायटी ने कोर्ट से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश में बढ़ रहे वायु प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम किए जाने का अनुरोध किया है। अदालत के पूर्व आदेश के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव प्रशांत और उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव आशीष मिश्र भी 27 मार्च को मामले की सुनवाई के समय पेश हुए।
इससे पूर्व 6 मार्च को इसी मामले में सुनवाई के दौरान सख्त रुख अख्तियार करते हुए केंद्र सरकार समेत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वायु प्रदूषण की रोकथाम संबंधी कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी। कोर्ट ने खासतौर पर लखनऊ के बारे में कार्रवाई की जानकारी तलब की थी, जो दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक घोषित किया गया है।
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कोर्ट ने इसे आपातकाल जैसे हालात करार देते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने को कहा था।
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याचिकाकर्ता सक्षम फाउंडेशन चैरिटेबल सोसायटी ने कोर्ट से राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश में बढ़ रहे वायु प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम किए जाने का अनुरोध किया है। अदालत के पूर्व आदेश के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव प्रशांत और उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव आशीष मिश्र भी 27 मार्च को मामले की सुनवाई के समय पेश हुए।
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इससे पूर्व 6 मार्च को इसी मामले में सुनवाई के दौरान सख्त रुख अख्तियार करते हुए केंद्र सरकार समेत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वायु प्रदूषण की रोकथाम संबंधी कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी। कोर्ट ने खासतौर पर लखनऊ के बारे में कार्रवाई की जानकारी तलब की थी, जो दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक घोषित किया गया है।
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कोर्ट ने इसे आपातकाल जैसे हालात करार देते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करने को कहा था।