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केजीएमयू और आईआईएम दिलाएंगे सस्ता इलाज

Thu, 30 Oct 2014 11:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 30 Oct 2014 11:52 AM IST
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health care sustainbility summit in iim campus.

कम कीमत में बेहतर इलाज देने के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी (केजीएमयू) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ (आईआईएमएल) हॉस्पिटल बिजनेस के नए मॉडल तैयार करेंगे।

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इसके लिए केजीएमयू में मरीज और मौजूदा हॉस्पिटल सिस्टम पर स्टडी आईआईएम के मैनेजमेंट गुरु करेंगे।

हेल्थकेयर सस्टेनेबिलिटी समिट-2014 (प्री-कॉन्फ्रेंस समिट ऑफ इंडूसेम, 10वीं इंडो-यूएस इमरजेंसी मेडिसिन समिट-2014) के पहले दिन बुधवार को कम कीमत में इलाज की जरूरत का मुद्दा उठा।
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समिट आईआईएम कैंपस में हुई। समिट में केजीएमयू वीसी प्रो. रविकांत ने कहा कि कैसे हम एक मेडिकल इंस्टीट्यूट को कम संसाधनों में चला पाएंगे, इसके लिए प्रोफेशनल मॉडल बनाए जाएं, यह महत्वपूर्ण हो जाता है।

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लो-कॉस्ट इलाज पर समिट में मोदी-मोदी

health care sustainbility summit in iim campus.

आईआईएम में भले ही इलाज के लिए कम कीमत वाला मॉडल बनाने पर बात हो रही हो।

लेकिन इंडो-यूएस समिट में मोदी राग शुरू हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एडिशनल चीफ सेक्रेट्री डॉ. एन बैजेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ के पुल बांधे।

आंखों के इलाज का सस्ता माध्यम

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आदित्य ज्योति आई हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. एस नटराजन ने बताया कि देश में बढ़ रही डायबिटीज की बीमारी आंखों के लिए भी खतरा बन रही है।

पूरी दुनिया में अंधता के केस 37 मिलियन हैं। इनमें से अकेले भारत में यह आंकड़ा 17 मिलियन है।

उन्होंने बताया कि हमने हाल ही में आदित्य ज्योति फाउंडेशन फॉर ट्विंकलिंग लिटिल आइज और मोबाइल डायबिटिक वैन जैसी सुविधा की पहल की है।

हॉस्पिटल में कम कीमत पर लोगों को इलाज की सुविधा दी जाती है। जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में भी हम इलाज दे रहे हैं।

गरीबों को खून मुहैया कराने की मुहिम

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समिट में हिस्सा लेने आए गुजरात के डॉ. विजय शाह ने बताया कि बडोदरा से उन्होंने एक ब्लड बैंक शुरू किया।

हमारे सामने समस्या गरीबों को कम कीमत में खून उपलब्ध कराने की थी।

हमने इसका रास्ता निकाला कि दूसरी कंपनियों को प्लाज्मा बेचा जाए।

पूर्व केजीएमयू वीसी प्रो. डीके गुप्ता ने बताया कि कम कीमत पर इलाज के कई मॉडल देशभर में हैं।

असली चुनौती गुणवत्ता बनाए रखना है। एक ही छत के नीचे गुणवत्तापरक इलाज देने वाले हॉस्पिटल की हमें जरूरत है।
नोएडा में बच्चों के लिए एक ऐसा ही हॉस्पिटल सरकार ने बनाया। अब यह बंद पड़ा है।

छात्राओं को सब्सिडी पर मिलेगा सेनिटरी नैपकिन

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‘50 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियां 17 साल की उम्र पूरी करने से पहले अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं। इसकी बड़ी समस्या लड़कियों में पर्सनल हाइजीन की कमी है।’

जापान में भारतीय मूल के लोगों के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई इस समस्या ने अबूधाबी में रह रहे एक डॉक्टर का ध्यान खींचा।

इस डॉक्टर ने केंद्र सरकार को देश की बच्चियों को सेनिटरी नैपकिन सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।

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