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Lucknow News: रिश्वत लेने वाले हेड कांस्टेबल को चार साल की कैद
Wed, 17 Sep 2025 02:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 17 Sep 2025 02:37 AM IST
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लखनऊ। पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस रिपोर्ट लगाने के नाम पर एक हजार रुपये रिश्वत लेने वाले मड़ियांव थाने के तत्कालीन हेड कांस्टेबल राकेश पाल को दोषी ठहराते हुए भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने चार साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने राकेश पाल पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि शिकायतकर्ता ऋषिकांत ने 11 जून 2015 को एसपी एंटी करप्शन से शिकायत की थी। कहा था कि वादी बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र है और उसने अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। वादी के पासपोर्ट फॉर्म को सत्यापित करने के लिए मड़ियांव थाने भेजा गया था। फॉर्म के सत्यापन पर पुलिस रिपोर्ट लगवाने के लिए हेड कांस्टेबल राकेश पाल ने शिकायतकर्ता से एक हजार रुपये की मांग की। इस पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने राकेश पाल को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में दिए बयान में बताया था कि इससे पहले भी उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था, तब भी दोषी पुलिसकर्मी ने उसे फोन कर बुलाया था। पुलिसकर्मी ने रिपोर्ट लगाने के लिए उस समय भी रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर दोषी पुलिसकर्मी ने प्रतिकूल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसकी वजह से उसका पासपोर्ट नहीं बन पाया था।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया कि शिकायतकर्ता ऋषिकांत ने 11 जून 2015 को एसपी एंटी करप्शन से शिकायत की थी। कहा था कि वादी बीटेक अंतिम वर्ष का छात्र है और उसने अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। वादी के पासपोर्ट फॉर्म को सत्यापित करने के लिए मड़ियांव थाने भेजा गया था। फॉर्म के सत्यापन पर पुलिस रिपोर्ट लगवाने के लिए हेड कांस्टेबल राकेश पाल ने शिकायतकर्ता से एक हजार रुपये की मांग की। इस पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ट्रैप टीम ने राकेश पाल को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में दिए बयान में बताया था कि इससे पहले भी उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था, तब भी दोषी पुलिसकर्मी ने उसे फोन कर बुलाया था। पुलिसकर्मी ने रिपोर्ट लगाने के लिए उस समय भी रिश्वत मांगी थी। रिश्वत न देने पर दोषी पुलिसकर्मी ने प्रतिकूल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसकी वजह से उसका पासपोर्ट नहीं बन पाया था।
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