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Lucknow News: हजरत इब्राहिम अलै. ने अल्लाह को राजी करने के लिए दी कुर्बानी
Fri, 30 May 2025 02:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 30 May 2025 02:26 AM IST
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लखनऊ। दरगाह हजरत मखदूम शाहमीना शाह परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित जलसा औलिया अल्लाह में कुर्बानी की फजीलत और औलिया इकराम की शिक्षाओं पर रोशनी डाली गई। इस दौरान औलिया इकराम की शान में नाअत का नजराना पेश किया गया।
मीनाई एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित जलसे में खिताब करते हुए मौलाना कारी मोहम्मद फिरोज खां मसूदी ने कहा कि औलिया इकराम ने समाज और कौम की बेहतरी के लिए इस्लाम के पैगाम को लोगों तक पहुंचाने के साथ खुद भी अमल किया। औलिया इकराम की शिक्षाओं पर अमल करके हमें कामयाबी मिल सकती है।
मौलाना ने कुर्बानी की फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि हजरत इब्राहिम अलै. ने अल्लाह को राजी करने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। यहां तक कि अपनी औलाद को भी कुर्बान करने में वो पीछे नहीं हटे। मौलाना ने कहा कि कुर्बानी एक अहम दीनी फरीजा है। जलसे का आगाज कारी मोहम्मद इस्लाम कादरी ने कुरान की तिलावत से किया।
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जलसे की अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा शेख राशिद अली मीनाई और संचालन कारी मोहम्मद अजमल ने किया। जलसे में कारी जहांगीर, कारी मुईनुद्दीन, कारी शरफुद्दीन, हाफिज गुलफाम, डा. रिजवानुर्रजा और दारुल उलूम शाहमीना के छात्राें ने नाअत का नजराना पेश किया। इस मौके पर जाहिद अली मीनाई, शहंशाह आलम, सरवत अली, जमील अहमद , मोहम्मद कफील, मोहम्मद मुईन आदि मौजूद रहे।
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मीनाई एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित जलसे में खिताब करते हुए मौलाना कारी मोहम्मद फिरोज खां मसूदी ने कहा कि औलिया इकराम ने समाज और कौम की बेहतरी के लिए इस्लाम के पैगाम को लोगों तक पहुंचाने के साथ खुद भी अमल किया। औलिया इकराम की शिक्षाओं पर अमल करके हमें कामयाबी मिल सकती है।
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मौलाना ने कुर्बानी की फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि हजरत इब्राहिम अलै. ने अल्लाह को राजी करने के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। यहां तक कि अपनी औलाद को भी कुर्बान करने में वो पीछे नहीं हटे। मौलाना ने कहा कि कुर्बानी एक अहम दीनी फरीजा है। जलसे का आगाज कारी मोहम्मद इस्लाम कादरी ने कुरान की तिलावत से किया।
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जलसे की अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा शेख राशिद अली मीनाई और संचालन कारी मोहम्मद अजमल ने किया। जलसे में कारी जहांगीर, कारी मुईनुद्दीन, कारी शरफुद्दीन, हाफिज गुलफाम, डा. रिजवानुर्रजा और दारुल उलूम शाहमीना के छात्राें ने नाअत का नजराना पेश किया। इस मौके पर जाहिद अली मीनाई, शहंशाह आलम, सरवत अली, जमील अहमद , मोहम्मद कफील, मोहम्मद मुईन आदि मौजूद रहे।