फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   haz pilgrims and cm

ये मेरी कुर्सी, ये तेरी!

Tue, 17 Sep 2013 11:56 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 17 Sep 2013 11:56 AM IST
विज्ञापन
haz pilgrims and cm

एक समुदाय के लोगों को तीर्थ यात्रा पर रवाना किए जाने का जलसा था। मुख्यमंत्री को हरी झंडी दिखाकर तीर्थ यात्रियों को रवाना करना था।

विज्ञापन


सीएम के हमसाये की तरह रहने वाले मंत्री यहां भी साथ थे। कार्यक्रम था सूबे के सबसे कद्दावर वजीर का जो अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझते।

जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ मंच पर चार कुर्सियों में से सीएम दूसरे नंबर की कुर्सी पर बैठ गए। सीएम ने बायीं ओर वाली कुर्सी छोड़ दी, जबकि दाहिनी तरफ एक धर्मगुरु आकर बैठ गए।

इसके बाद सीएम के बगल वाली खाली कुर्सी देख हमसाया मंत्री ने तशरीफ रख दी। वजीर माइक पर खड़े थे। सीएम के बगल की कुर्सी पर उनके साथ आए मंत्री को बैठना उन्हें नागवार गुजरा।
विज्ञापन


उन्होंने आव देखा न ताव मंच से ही मंत्री से कहा कि ...जनाब! कम से कम यहां पर तो हमें बगल वाली कुर्सी पर बैठ जाने दीजिये। दूसरी कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए बोले आप यहां तशरीफ लाइए...।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्री महोदय सकपका गए और सीएम के बगल वाली कुर्सी छोड़कर दूसरी कुर्सी पर बैठ गए। अपनी कुर्सी सुरक्षित करने के बाद ही वजीर ने कार्यक्रम शुरू होने दिया...।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed