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Lucknow News: एकता, सद्भाव के लिए काम करते रहे हयातउल्लाह अंसारी
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लखनऊ। स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व राज्यसभा सांसद हयातुल्लाह अंसारी को 125वें जन्मदिवस पर बृहस्पतिवार को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा, हयातउल्लाह ने पूरी जिंदगी एकता और सदभाव को मजबूत करने के लिए काम किया। मौके पर पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
चौक में फिरंगी महल स्थित मदरसा हयातुल उलूम में कार्यक्रम में उर्दू के लेखक व पत्रकार इब्राहिम अहमद अलवी ने कहा, हयातउल्लाह अंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ उर्दू के लेखक भी थे। वे हमेशा बच्चों की शिक्षा खासतौर पर बेटियों को शिक्षित करने के पक्षधर थे। हयातउल्लाह ने पूरी जिंदगी एकता और सद्भाव के लिए काम किया।
बज्म-ए-ख्वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज सिदरत ने कहा, हयातउल्लाह अंसारी ने दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा देने के लिए तालीम घर की स्थापना की थी। उनके विचारों और शिक्षाओं के मुताबिक हमें ऐसा समाज बनाना है जहां नफरत की जगह न हो। रिजवान फारूकी ने वक्फ संशोधन कानून के बारे में कहा, हमें इसका अध्ययन करना चाहिए। कोई कमी है तो सांविधानिक रास्तों से हल तलाशना चाहिए। मौके पर इशरत नाहिद, अनवर जहां, संजय मिश्रा, मंसूर, अकबर आदि थे।
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चौक में फिरंगी महल स्थित मदरसा हयातुल उलूम में कार्यक्रम में उर्दू के लेखक व पत्रकार इब्राहिम अहमद अलवी ने कहा, हयातउल्लाह अंसारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ उर्दू के लेखक भी थे। वे हमेशा बच्चों की शिक्षा खासतौर पर बेटियों को शिक्षित करने के पक्षधर थे। हयातउल्लाह ने पूरी जिंदगी एकता और सद्भाव के लिए काम किया।
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बज्म-ए-ख्वातीन की अध्यक्ष बेगम शहनाज सिदरत ने कहा, हयातउल्लाह अंसारी ने दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा देने के लिए तालीम घर की स्थापना की थी। उनके विचारों और शिक्षाओं के मुताबिक हमें ऐसा समाज बनाना है जहां नफरत की जगह न हो। रिजवान फारूकी ने वक्फ संशोधन कानून के बारे में कहा, हमें इसका अध्ययन करना चाहिए। कोई कमी है तो सांविधानिक रास्तों से हल तलाशना चाहिए। मौके पर इशरत नाहिद, अनवर जहां, संजय मिश्रा, मंसूर, अकबर आदि थे।
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