फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Have you heard? The 'deceptive' allowance; homegrown beats global; read the stories behind 'withered bouquets

सुना है क्या: झांसे का अलाउंस, ग्लोबल पर भारी देसी; 'मुरझा गए गुलदस्ते, रखा रहा केक' के पढ़ें किस्से

Sat, 27 Jun 2026 11:41 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 27 Jun 2026 11:41 AM IST
सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...

विज्ञापन
Have you heard? The 'deceptive' allowance; homegrown beats global; read the stories behind 'withered bouquets
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'झांसे का अलाउंस' की कहानी। इसके अलावा 'ग्लोबल पर भारी देसी' और 'मुरझा गए गुलदस्ते, रखा रहा केक' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

विज्ञापन



 

झांसे का अलाउंस

यूं तो एक महकमे में तबादले के लिए 30 जून तक का समय है, लेकिन ऊपर से तय हो गया है कि कार्मिकों को ज्यादा डिस्टर्ब करना ठीक नहीं। जो जहां अच्छा काम कर रहा है, उसे करने दिया जाए। अगर परफॉर्मेंस ठीक नहीं है तो तबादला सीजन का क्या इंतजार करना, तत्काल हटा दिया जाए। पता चला है कि इन गुप्त निर्देशों की भनक यूनियन के कुछ असरदार लोगों को भी लग गई है। वे कार्मिकों को झांसा दे रहे हैं कि उनका तबादला नहीं होने देंगे। इसके एवज में नॉन डिस्टर्बिंग अलाउंस भी तय किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ग्लोबल पर भारी देसी

हजारों करोड़ के ई उपकरण खरीद की चर्चा ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में जमकर तैर रही है। आर्डर किसे मिले, कैसे मिले, क्या जोड़तोड़ किया गया...दबे मुंह हर सरकारी इमारत में गॉसिप चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस टेंडर को पाने में दिग्गज ग्लोबल कंपनियां दौड़ में हैं लेकिन चर्चा है कि फिलहाल रेस में सबसे आगे पश्चिम यूपी की देसी कंपनी है। इसे लेकर सभी अचरज में हैं। फिलहाल आर्डर की मलाई कौन खाएगा, ये फाइनल नहीं है लेकिन अचार की तरह चटखारों का मजा जोरों पर है।

विज्ञापन

मुरझा गए गुलदस्ते, रखा रहा केक

प्रदेश के एक प्रमुख विभाग के अधिकारियों को हाल में काफी निराशा हाथ लगी है। दरअसल, विभाग के माननीय का जन्मदिन था और उनको उम्मीद थी कि इस दिन माननीय अपने गृह क्षेत्र से राजधानी आएंगे। फिर क्या था कहीं बड़े-बड़े गुलदस्ते तैयार कराए गए थे तो कहीं बड़े-बड़े केक भी। शाम को माननीय से मिलने की ब्रेसब्री भी थी। किंतु शाम होने ही सबकी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। क्योंकि चुनावी साल में माननीय ने अपने क्षेत्र में रहने को प्राथमिकता दी। ऐसे में गुलदस्ते मुरझा गए और केक भी दुकान में ही रखा रह गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed