{"_id":"624bd2f1da08127e542cb45c","slug":"hathras-victim-s-family-request-to-court-to-give-her-brother-job-in-noida","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस कांड : नोएडा में दी जाए पीड़िता के भाई को नौकरी, हाथरस में लगता है डर, परिवार ने कोर्ट से किया अनुरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस कांड : नोएडा में दी जाए पीड़िता के भाई को नौकरी, हाथरस में लगता है डर, परिवार ने कोर्ट से किया अनुरोध
Tue, 05 Apr 2022 10:56 AM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:56 AM IST
सार
पीड़िता के परिजनों ने यह भी कहा कि उनके रिश्तेदार नोएडा में रहते हैं। ऐसे में वे नोएडा जाना चाहते हैं। अगर पीड़िता के भाई को नोएडा में सरकारी नौकरी दी जाती है तो उनके पिता को भी वहां काम मिलने में आसानी होगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष हाथरस कांड की पीड़िता के परिवार ने न्याय मित्र के जरिए कहा कि हाथरस में उन्हें डर लगता है। उन्होंने अनुरोध किया कि ऐसी स्थिति में पीड़िता के बड़े भाई को नोएडा में नौकरी दी जाए। इस पर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश हाथरस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार’ शीर्षक से दर्ज जनहित याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता के पिता, भाई व भाभी ने हारथस में सरकार द्वारा नौकरी या घर दिए जाने को लेकर कहा है कि वहां उन लोगों को डर लगता है। पीड़िता के परिजनों ने यह भी कहा कि उनके रिश्तेदार नोएडा में रहते हैं। ऐसे में वे नोएडा जाना चाहते हैं। अगर पीड़िता के भाई को नोएडा में सरकारी नौकरी दी जाती है तो उनके पिता को भी वहां काम मिलने में आसानी होगी।
विज्ञापन
वहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल पूरक प्रति शपथपत्र को भी रिकॉर्ड पर ले लिया। कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र के अनुसार प्रदेश में अब तक एससी-एसटी रूल्स की धारा 15 के तहत आकस्मिकता योजना नहीं बनाई गई है। जबकि योजना के तहत पीड़िता या पीड़िता के आश्रितों को सरकार की ओर से राहत देने का प्रावधान है।
विज्ञापन