हिंदी की वजह से फिर शर्मिंदा हुई यूपी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधान परिषद की कार्यवाही भी बुधवार को कार्यसूची का कामकाज निपटाकर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। विधानसभा मंगलवार को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई थी। इस प्रकार 14 नवंबर से शुरू विधान मंडल का सत्र बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई।
वहीं, सदन में सरकार की तब किरकिरी हो गई जब पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव ने प्रतिवेदनों को देरी से सदन की मेज पर रखने का कारण उनका हिंदी में न होना बताया।
परिषद के सभापति गणेश शंकर पांडेय ने नेता सदन अहमद हसन, नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी, नेता भाजपा हृदयनारायण दीक्षित, निर्दल समूह के नेता राजबहादुर सिंह चंदेल, शिक्षक दल के ओमप्रकाश शर्मा, कांग्रेस के नसीब पठान व रालोद के चौधरी मुश्ताक का उल्लेख करते हुए सदन चलाने में दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
इसके बाद नेता सदन अहमद हसन ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। इसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले सदन में कार्यसूची के कामकाज को निपटाया गया।
विभाग के पास नहीं है कोई हिंदी अनुवादक
अधिनियम 20 नवंबर 2014 की अधिसूचना को सदन की मेज पर रखा। उन्होंने राज्य विद्युत उत्पादन निगम की वार्षिक रिपोर्ट भी रखी।
पंचायती राज मंत्री कैलाश यादव ने पंचायती राज तकनीकी संस्थाओं के निरीक्षण का प्रतिवेदन और मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायतें का वार्षिक प्रतिवेदन को सदन की मेज पर रखा।
इन सभी में कहा गया था कि इन प्रतिवेदनों को रखने में विलंब इसलिए हुआ, क्योंकि देवनागरी लिपि में छपवाने में समय लगा। इसकी वजह विभाग के पास कोई हिंदी अनुवादक न होना है।
भाजपाई हुए आक्रामक तो मानी गलती
इस पर भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित ने सवाल खड़ा कर दिया। कहा, वह जानना चाहते हैं कि प्रदेश सरकार के यह विभाग और निगम क्या अपना सारा कामकाज अंग्रेजी में करते हैं। अगर ऐसा है तो यह चिंता की विषय है।
नेता सदन अहमद हसन ने कहा कि ऐसा नहीं है। सरकार आगे से सुधार करेगी। सरकार सदन को आश्वस्त करती है कि सारा कामकाज हिंदी में ही होगा। कोई विलंब नहीं होने दिया जाएगा।
उधर, बसपा के लोकेश प्रजापति ने अपनी सूचना पर आए वक्तव्य पर असंतोष जताया। कहा कि वक्तव्य में खाद्य एवं रसद मंत्री की तरफ से बिसवां के जलालपुर के जिस कोटेदार की दुकान निरस्त करने की बात कही गई है वह निरस्त ही नहीं की गई है।
दुकान अब भी चल रही है। नेता सदन ने कहा कि वह दिखवा लेंगे। सभापति ने सरकार को निर्देश दिया कि वह इसकी जांच कराकर सदन की अगली बैठक में सूचना दे।