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Lucknow News: नगर पंचायत ऊंचाहार की कुर्सी पर आधी आबादी का रहा दबदबा
Tue, 18 Apr 2023 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 18 Apr 2023 10:42 PM IST
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रायबरेली। नगर पंचायत का गठन के बाद सन् 1989 में शुरू हुए निकाय चुनाव में अब तक अध्यक्ष महिलाओं का ही दबदबा रहा है। सिर्फ दो बार ही पुरुष के हाथ में नगर की कमान आई है। नगर पंचायत ऊंचाहार का गठन सन् 1983 में हुआ था। पहली बार चुनाव सन् 1989 में हुआ, जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी मो. सल्लन चुनाव जीते और नगर के पहले चेयरमैन का ताज हासिल किया। 1995 के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा उम्मीदवार सुशीला मौर्या जीत दर्जकर अध्यक्ष बनीं।
वर्ष 2000 के चुनाव में सुशीला मौर्या ने ही भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। वर्ष 2006 के महिला सीट के लिए आरक्षण हुआ। इसमें कस्बे प्रतिष्ठित डॉ. एजाज अहमद की पत्नी मुश्तरी बेगम कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनीं। उनके सामने लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाली भाजपा की सुशीला मौर्या को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 के लिए नगर की सीट अनारक्षित हो गई, जिसमें समाज सेवी प्रमोद गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे और कांग्रेस की मुश्तरी बेगम को हराकर अध्यक्ष बने, जबकि 2017 में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित थी। इसमें पहली बार समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शाहीन सुल्तान ने बाजी मारी और पांच वर्ष तक नगर की कमान संभाली। इस बार भी निकाय चुनाव को जीतने को लेकर दावेदारों के बीच जोरआजमाइश की जा रही है। दावेदार जनता के बीच जाकर वोट मांग रहे हैं और विकास कराने का दंभ भर रहे हैं।
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वर्ष 2000 के चुनाव में सुशीला मौर्या ने ही भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। वर्ष 2006 के महिला सीट के लिए आरक्षण हुआ। इसमें कस्बे प्रतिष्ठित डॉ. एजाज अहमद की पत्नी मुश्तरी बेगम कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनीं। उनके सामने लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाली भाजपा की सुशीला मौर्या को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 के लिए नगर की सीट अनारक्षित हो गई, जिसमें समाज सेवी प्रमोद गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे और कांग्रेस की मुश्तरी बेगम को हराकर अध्यक्ष बने, जबकि 2017 में पिछड़ा वर्ग के लिए सीट आरक्षित थी। इसमें पहली बार समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शाहीन सुल्तान ने बाजी मारी और पांच वर्ष तक नगर की कमान संभाली। इस बार भी निकाय चुनाव को जीतने को लेकर दावेदारों के बीच जोरआजमाइश की जा रही है। दावेदार जनता के बीच जाकर वोट मांग रहे हैं और विकास कराने का दंभ भर रहे हैं।
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