जीएसटी से नई आर्थिक क्रांति का होगा आगाज: सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक जुलाई से लागू होने वाला माल एवं सेवाकर (जीएसटी) आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार है। इसे नई आर्थिक क्रांति कहना गलत नहीं होगा। आज देश ‘वन नेशन, वन मार्केट, वन टैक्स’ की ओर आगे बढ़ रहा है। वे शनिवार को विधानभवन स्थित तिलक हॉल में जीएसटी कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में राज्य सरकार वस्तुओं और सेवाओं पर 8 अलग-अलग तरह के कर लगाती है। केंद्र सरकार भी विभिन्न कर और सेस लगाती है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ती है। करदाता को भी विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
जीएसटी लागू होने के बाद ऐसा नहीं होगा। जीएसटी को लेकर फैले भ्रम पर उन्होंने कहा कि इसे दूर करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी जिलों का दौरा करके उपभोक्ताओं, व्यापारियों, वकीलों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ बैठकें करें। समस्याओं का तार्किक समाधान जीएसटी काउंसिल करेगी।
शुरुआती तीन महीने होंगे उलझाने वाले
जीएसटी के लिहाज से शुरुआती तीन माह उलझाऊ होंगे। इसके लिए सभी स्टेक होल्डर्स का आपसी संवाद जरूरी है। जीएसटी लागू होने का सबसे ज्यादा लाभ यूपी को मिलेगा।
जीएसटी पर एक पखवाड़े तक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर देते हुए योगी ने कहा कि मंत्री भी जिलों में व्यापारी संगठनों और उपभोक्ताओं के साथ बैठक करें। उन्होंने इस तरह की कार्यशाला प्रदेश के सभी जिलों में करने को कहा।
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जीएसटी लागू करने में शुरुआत में दिक्कतें आ सकती हैं, अगर अधिकारी इसे कुशलता से करेंगे तो इसका हल निकल आएगा। उन्होंने जिलाधिकारियों से व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि जिलों में नोडल ऑफिसर्स तैनात किए जाएं, जो जीएसटी से संबंधित व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कर सकें। कार्यशाला में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और मुख्य सचिव राहुल भटनागर भी शामिल हुए।