फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ground report from Ballia, Mau, Ghazipur and Chandauli: People are confused due to the changing side of leaders, development in praise, even questions

बलिया, मऊ, गाजीपुर और चंदौली से ग्राउंड रिपोर्ट : नेताओं के बदलते पाले से लोग असमंजस में, तारीफों में विकास, तो सवाल भी

Fri, 14 Jan 2022 04:53 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 14 Jan 2022 04:53 AM IST
सार

राजनीति के खिलाड़ी पाले बदल रहे हैं। जनता असमंजस में है। सवाल उठा रही है। आखिर पांच वर्ष सत्ता में हिस्सेदारी का सुख भोगते रहे, तब क्यों कुछ नहीं कहा? तब समाज की चिंता क्यों नहीं दिखी? उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं तो अब तक क्यों शांत थे?

विज्ञापन
Ground report from Ballia, Mau, Ghazipur and Chandauli: People are confused due to the changing side of leaders, development in praise, even questions
बलिया के एक गांव में हो रही है चुनावी चर्चा... - फोटो : amar ujala

विस्तार

आज बातें बलिया, मऊ, गाजीपुर और चंदौली की। 22 सीटें हैं विधानसभा की इन चार जिलों में। 2017 में इनमें से 14 पर भाजपा का परचम फहराया था। 4 सीटें सपा के हिस्से आई थीं तो 2-2 बसपा और सुभासपा के खाते में आई थी। पर, अबकी बार समीकरण अलग हैं। पाला बदल रहे नेताओं-मंत्रियों से लोग असमंजस में हैं। वे हवा का रुख भांप रहे हैं। विकास को लेकर तारीफें हैं, तो बहुत सारे सवाल भी हैं। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि मुकाबला जोरदार होगा। बलिया, मऊ, गाजीपुर, चंदौली के मतदाताओं के दिल की बातें बता रहे हैं संदीप सौरभ और मनीष जायसवाल... 

विज्ञापन


बलिया : बांसडीह, बेल्थरा रोड
योजनाओं के फायदे, महंगाई व बेरोजगारी पर बंटे मतदाता

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को बांसडीह सीट पर 2017 में निर्दलीय केतकी सिंह से बेहद कड़ी चुनौती मिली थी। चौधरी महज 1687 मतों के अंतर से जीत सके थे। सुभासपा के अरविंद राजभर तीसरे पायदान पर ही अटक गए थे। बहरहाल, चौधरी की वजह से हॉट सीट बने क्षेत्र का हम सियासी मिजाज जानने निकले तो ज्यादातर जगहों पर महंगाई, बेरोजगारी, विकास के साथ ही सरयू से प्रतिवर्ष होने वाले कटान उपजी समस्याओं की चर्चा मिली। यानी यह सब जनता के मुद्दे हैं। आदर गांव निवासी अधिवक्ता अंकित पांडेय बताते हैं,  युवा वर्ग अपना मत उस नेता को देगा जो रोजगार, स्वास्थ्य सुविधा और बेहतर शिक्षा मुहैया करा सके। वहीं, प्रमोद शुक्ला कहते हैं, जो सरकार किसानों के हित में कार्य करेगी, उसी को वोट देंगे। वहीं, किसान कृष्ण कुमार मिश्र बोले, सरकार छह हजार रुपये सालाना खाते में भेज रही है, लेकिन किसानों की परेशानियां इतने से दूर नहीं होंगी। प्रशांत रंजन सिंह ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, थानों में भ्रष्टाचार तो मुद्दा है ही, विधानसभा क्षेत्र में सरयू नदी का कटान बड़ा मुद्दा है। कई हजार एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई है। कई गांव कटान की जद में हैं। बेल्थरा रोड विधानसभा क्षेत्र का मिजाज जानने के लिए हम निकले तो चाय की दुकान पर मिले बहोवा खुर्द निवासी दुकानदार मो. जफर ने बताया कि कोरोना में सरकार ने प्रभावी कार्य किया। मंगर, महंगाई पर लगाम लगनी चाहिए। राजन सिंह कहते हैं, सरकार में अपराध पर लगाम लगी है। विकास कार्य भी हुए हैं। इंदौली निवासी जय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र को इंटर कॉलेज, फायर स्टेशन, सड़कों की सौगात मिली है। सुनील, दिनेश, राकेश ने बताया कि क्षेत्र के लिए किसी ने उल्लेखनीय काम नहीं किया है।
विज्ञापन


बलिया नगर, फेफना : शहर में चुनावी मुद्दा नहीं, गांवों में महंगाई भारी
बलिया नगर विधानसभा क्षेत्र के चित्तू पांडेय चौराहे पर चाय की चुस्कियां लेते मिले बैंक कर्मचारी और धरहरा निवासी वीरेंद्र शुक्ल चुनावी चर्चा छिड़ते ही कहते हैं कि  सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन को मिल रहा है। पास खड़े छात्र अखिलेश यादव ने पलटवार किया, खाद्य तेल सहित पेट्रोलियम पदार्थों के कीमतें बढ़ी हैं, इसे क्यों भूल जाते हैं। विजयीपुर के किसान चिखुरी प्रसाद ने कहा कि सरकार ने किसानों के दर्द को समझा है। नारायणपुर घरौली बाजार निवासी कमला देवी ने कहा कि सरकार कोरोना काल से निशुल्क राशन के साथ ही जन-धन खाते में 500-1000 रुपये और मुफ्त गैस सिलिंडर देने के साथ महिला समूह के जरिये रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही है। बहेरी के शंकरजी बोले, केरोसिन बंद कर दिया, राशन कम कर दिया। सिलिंडर हजार का हो गया। इस बाद बरसात में पूरा शहर डूबा रहा। सड़कें ठीक नहीं हैं। मंत्री के रहते हुए भी कोई विकास नहीं हुआ। फेफना विधानसभा क्षेत्र के हसनपुर निवासी ज्ञांती पासवान कहते हैं, महंगाई ने सारा काम बिगाड़ रखा है। खाली राशन मिलने से कैसे पेट भरेगा? विशुनीपुर में मिले मिड्ढा निवासी जिआउद्दीन अंसारी आभूषण का काम करते हैं। वे कहते हैं, सरकार का काम ठीक रहा है। बिजली, पानी समय पर आ रहा है। सड़कें ठीक हैं। पर, धर्म को लेकर सरकार की मंशा साफ नहीं है। वैमनस्य फैलाया जा रहा है। गड़वार में हमें मिले संतोष वर्मा, छात्र सुमंत, विवेक सिंह सरकार की योजनाओं की प्रशंसा करते नजर आए। उपलब्धियों में अयोध्या मंदिर, माफिया पर कार्रवाई, आवास और शौचालय सुविधा को वे गिनाने लगते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर : महंगाई-भ्रष्टाचार का मुद्दा
रसड़ा में रिंकू देवी सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाती हैं। कहती हैं, सिर्फ सिलिंडर मिला। हमें तो न आवास मिला और न राशन कार्ड। हमें तो महंगाई कम करने वाली सरकार चाहिए। कस्बे के ही व्यापारी भोला प्रसाद कहते हैं, सरकारी योजनाओं का जमीन पर सबको लाभ नहीं मिल सका। वार्ड 24 के अविनाश जायसवाल अपनी बात अलग तरीके से रखते हैं। वे कहते हैं, अपराध पर तो अंकुश लगा ही है। पर, यह भी उतना ही सच है कि सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार बढ़ा है। माधोपुर निवासी अमरेश भारती कहते हैं, बेरोजगारों की फौज खड़ी है। रोहित सिंह, नितीश भी सरकार पर सवाल खड़े करते नजर आए। बैरिया विस क्षेत्र के नारायणगढ़ निवासी अमरजीत गुप्ता कहते हैं, सरकार ने गुंडाराज समाप्त किया है। चेताछपरा के अवधेश सिंह ने कहा कि सम्मान निधि से किसानों को राहत मिली है। जो किसानों के हित में कार्य करेगा उसी को वोट देंगे। शिवाल मठिया के बुटन यादव राहत पर सवाल उठाते हैं कि गेहूं व धान आसानी से बिक नहीं रहे। 
दलपतपुर निवासी ललन वर्मा ने कहा, हर साल सरयू व गंगा में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि विलीन हो रही है। मकान नदी में समा रहे हैं। मधुबनी निवासी चुनमुन कुमार यादव ने बताया कि सरकार कोई भी बने, लेकिन महिलाओं के प्रति सोच वही रहती है। जमालपुर निवासी भुनेश्वर मिश्र, छेड़ीडीह निवासी गुप्तेश्वर दुबे चुनावी चर्चा छिड़ते ही सरकारी योजनाएं गिनाने लगते हैं। वे कहते हैं, इनका भाजपा को फायदा मिलता दिख रहा है। सिकंदरपुर कस्बा निवासी दुकानदार गोविंद सोनी सरकार से खुश नजर आए। कहा कि इस चुनाव में विकास ही मुद्दा होगा। वहीं, व्यापारी मनोज कुमार महंगाई और बेरोजगारी पर खिन्न दिखे। सुनील कुमार व अनिल यादव ने विकास, किसान सम्मान निधि, माफिया पर कार्रवाई को गिनाया। 

मऊ :मऊ सदर, घोसी : अब तक ध्रुवीकरण, क्या बदलेगी तस्वीर....

मऊ सदर की बात करें तो बेरोजगारी और शिक्षा अहम मुद्दे तो हैं, लेकिन पांच बार से लगातार चुनाव जीत रहे बाहुबली मुख्तार अंसारी के गढ़ में चुनाव के दौरान मुद्दे गौण हो जाते हैं। बनौरा गांव निवासी सच्चिदानंद चौहान ने कहा कि युवा वर्ग उसे चुनेगा जो शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करे। रोजगार मुहैया कराए। भुजौटी निवासी इंद्रजीत कहते हैं, तमसा नदी से सटे कई गांव और मोहल्ले हैं। जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ की समस्या से निजात दिलाए जाने की जरूरत है। रैनी निवासी बृजेश यादव ने बीज और खाद को लेकर सरकार को घेरा। पिछड़ा वर्ग बहुल सीट घोसी में महंगाई, विकास के साथ ही कछार क्षेत्र में छोटी सरयू से प्रतिवर्ष होने वाला नुकसान प्रमुख मुद्दा है। बड़ागांव भरौटी निवासी गृहिणी सीमा भारती कहती हैं, महंगाई बड़ा मुद्दा है। रोजगार, स्वास्थ्य सुविधा और शिक्षा की उचित व्यवस्था हो। बैसवाड़ा निवासी साजिद इकबाल ने कहा कि जो सरकार युवाओं और आम जनता के हित में कार्य करेगी उसी को वोट देंगे। 

मोहम्मदाबाद गोहना, मधुबन : विधायक से नाराजगी और दारा सिंह चौहान के पाला बदलने पर मुखर लोग
मोहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर जगहों पर विधायक से नाराजगी के स्वर सुनाई देते हैं। शहीद चौराहे पर मिले सुरहुर निवासी सच्चिदानंद पाठक और हरिश्चंद्र तिवारी कहते हैं, गरीबों के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाईं। अपराधी जेल में कराह रहे हैं। आदर्शनगर निवासी साहित्यकार डॉ. मधुर नजमी ने कहा कि सरकार ठीक-ठाक है, लेकिन साहित्यकारों के लिए कोई काम नहीं किया है। राजेश गुप्ता, मनोज कुमार कहते हैं, पांच साल से सड़कें बदहाल हैं। वलीदपुर में बने पुल का अप्रोच अधूरा है। फायर स्टेशन अधूरा है। बुनकर बहुल क्षेत्र में जर्जर तार और खंभे भी बड़ी समस्या हैं। मधुबन से भाजपा से जीते मंत्री दारा सिंह चौहान अब सपा में चले गए हंै। इसका इस सीट के समीकरणों पर असर तो दिखेगा ही। हालांकि, भाजपा को होने वाले नुकसान पर लोग बंटे हुए हैं। नुरुलाहपुर निवासी अमरजीत चौहान चुनावी चर्चा छिड़ते ही कहते हैं, देवारा में बाढ़ आने से सड़कें टूट जाती हैं, कोई सुध नहीं लेता। परसिया के सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि मधुबन-घोसी मार्ग अहिरौली से सिपाह तक छह साल से बदतर हालत में है। दुबारी निवासी शिव शंकर उपाध्याय कहते हैं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए रास्ता नहीं है। 
 

गाजीपुर : जमानिया, मुहम्मदाबाद : विधायक के काम से खफा, पर कानून-व्यवस्था की तारीफें

स्टेशन मोड़ पर मिले सुदामा प्रसाद स्थानीय विधायक के काम से नाखुश दिखे, लेकिन मोदी-योगी के लिए वोट देने की बात कही। कहते हैं कि कम से कम गुंडे-माफिया का खौफ तो नहीं है। दिलदारनगर कस्बे के बाहर एक दुकान पर बैठे मनोज यादव, सुनील और अशफाक खां कहते हैं, महंगाई बेहिसाब है। रोजगार नहीं मिल रहा। जो इन मुद्दों की बात करेगा उसे ही वोट देंगे। फौजियों के गांव गहमर में हरेराम सिंह कहते हैं कि इसी गांव की होने के बाद भी विधायक ने कुछ नहीं किया। डॉ. राणा प्रताप की राय अलग है। कहते हैं कि विधायक ने काम किया है। बिहार बॉर्डर पर यूपी के अंतिम गांव बारा, मगरखांई के विवेक सिंह, सैयद जावेद, अबसार आलम, मंजूर खान ने कहा कि विकास करने की जगह जाति-धर्म में जनता को उलझाया गया। मुहम्मदाबाद विस क्षेत्र के रेवतीपुर में बस स्टैंड पर मिले नागेंद्र सिंह कहते हैं, सरकार का काम तो ठीक है, लेकिन व्यापारी परेशान हैं। कोविड ने हर धंधे को चौपट कर दिया। नितेश सिंह, संतोष कुमार और ओमप्रकाश यादव का कहना था कि डीजल महंगा होने से सिंचाई महंगी हुई है। खेती के समय बिजली नहीं मिल रही। खाद के लिए भटकना पड़ता है। 

गाजीपुर शहर, सैदपुर, जंगीपुर : भाजपा-सपा की ही ज्यादातर चर्चा
गाजीपुर सिटी स्टेशन के पास मिले अखिलेश राय कहते हैं, भाजपा ध्रुवीकरण कर चुनाव जीतना चाहती है। संजय राय भी हां में हां मिलाते हुए कहते हैं कि बेरोजगारी, महंगाई पर सरकार कोई बात नहीं करती। सरवनडीह के मोहन सिंह इन तर्कों से नाइत्तफाकी जताते हैं। वह कहते हैं, सबसे ज्यादा विकास कार्य भाजपा सरकार ने किया। शंकर दत्त और सोनू राय मानते हैं कि देश-प्रदेश में काम हुआ, लेकिन गाजीपुर शहर में नहीं हुआ। सड़कें टूटी हैं। सैदपुर के रावल मोड़ पर मिले उमेश यादव कहते हैं कि युवा पुलिस और सेना भर्ती की तैयारी करते हैं, मगर भर्ती न होने से हताश हैं। साजिद, रवींद्र राम ने कहा कि रोजगार के लिए लोग पलायन कर रहे हैं। किंकर पांडेय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधरी है। पर, जातीय गोलबंदी हावी है। जंगीपुर विस क्षेत्र के रसूलपुर बेलवां गांव के किसान फेकू सिंह यादव कहते हैं, दिन-रात खेतों की रखवाली में बीत रहे। जैतपुरा के मंगल यादव कहते हैं, समय से खाद नहीं मिल रही। बिचौलिए ऊंचे दाम पर बेचते हैं। 

जहूराबाद, जखनियां : जातीय गोलबंदी का प्रभाव ज्यादा
जहूराबाद विस क्षेत्र से सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर विधायक हैं। क्षेत्र के कासिमाबाद में जयहिंद यादव कहते हैं, बहादुरगंज की बंद कताई मिल सरकार चालू नहीं करा पाई। मोतीचंद राजभर ने बढ़ती महंगाई रोकने में नाकामी बताई तो केशव यादव ने सपा सरकार के काम गिनाए। हनुमान चौरसिया कहते हैं, राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया। विश्वनाथ धाम का पुराना गौरव लौटा है। गाजीपुर को एक्सप्रेसवे मिला है। जखनियां क्षेत्र के सादात कस्बे में मिले सुनील गुप्ता, लकी, राकेश कुमार, आकाश कुमार ने कहा कि रोजगार व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। नसीर अहमद, धीरज और अतुल यादव इस बार चुनाव में स्थानीय मुद्दों के बजाय अंतिम समय में जाति-धर्म की गोलबंदी से ही परिणाम प्रभावित होने की बात कही।

चंदौली : चकिया, सैयदराजा : कांटे के मुकाबले की बन रही पृष्ठभूमि
चकिया विधानसभा क्षेत्र के हेतिमपुर गांव में चाय-नाश्ते की दुकान पर मिले मोहन सिंह कहते हैं, आज तक किसी भी सरकार ने ऐसा काम नहीं किया था। देश-प्रदेश सही दिशा में चल रहे हैं। उनकी बात खत्म होते ही देवेंद्र यादव ने पूछा तो फिर किसानों का धान क्यों नहीं बिक रहा? रोज नियम बदल रहे हैं। सरकार तय ही नहीं कर पाई कि करना क्या है? सुरेश व राजकुमार ने भी इस पर सहमति जताई, लेकिन विकास के अन्य मामलों में सरकार के कामकाज को ठीक बताया। सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र के रमऊपुर गांव में पवन सिंह स्थानीय विधायक का जिक्र होने पर कहते हैं, जनता बड़ी नाराज हौ। खैर कोई जीते हम लोगन के का... कोई पूछे वाला नाहीं हौ। पास में खड़े राजेश ने कहा कि इस बार सपा-भाजपा में सीधा मुकाबला होगा। धानापुर के कादिराबाद गांव में खलिहान में हो रही चर्चा में धनेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि इस सरकार के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ज्ञानचंद्र सिंह ने कहा कि किसानों का धान बर्बाद हो रहा है। 

सकलडीहा, मुगलसराय : कामकाज का आकलन कर रहे लोग
सकलडीहा विस क्षेत्र के खोर गांव में चाय की दुकान पर उज्ज्वल सिंह और संजीत सिंह कहते हैं, योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है। इस पर सुरेश विश्वकर्मा कहते हैं, ऐसा है तो गांवों में लोग अब तक आवास, शौचालय और जलनिकासी की समस्याओं से परेशान क्यों हैं? अदसड़ और चारी में 50-50 क्यूसेक के दोनों लिफ्ट कैनाल साढ़े तीन वर्ष बाद भी क्यों बंद हैं? मुगलसराय के पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन से रेलवे जंक्शन की ओर बढ़ने पर चंदासी में एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी में धूल-मिट्टी के गुबार से लोग दुखी हैं। सिराजुद्दीन, भुट्टो खान कहते हैं कि यहां विकास सिर्फ ऐसे ही है। बाहर से सब अच्छा दिखेगा, लेकिन अंदर कुछ नहीं है। राहुल उनकी बातों से नाइत्तफाकी जताते हुए कहते हैं, जो काम भाजपा सरकार ने कर दिया, वैसा किसी ने नहीं किया था। भ्रष्टाचार पर केंद्र सरकार ने तगड़ा चोट किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed