फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   green signal to pradhan mantri awas yojana

गरीबों को घर दिलाएगी प्रधानमंत्री आवास योजना जानें, किसको मिलेगा लाभ

Wed, 06 Apr 2016 04:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 06 Apr 2016 04:41 PM IST
विज्ञापन
green signal to pradhan mantri awas yojana
लखनऊ में प्रॉपर्टी - फोटो : Demo

शहरी गरीबों के लिए केन्द्र द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन’ करीब 10 महीने बाद यूपी में लागू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है। 

विज्ञापन


नगर विकास विभाग ने इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। हालांकि मिशन का क्रियान्वयन विलंब से होने की वजह से यूपी को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है।  
विज्ञापन


शहर के गरीब व मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को साफ-सुथरा आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने 25 जून 2015 को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन’ शुरू किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


केन्द्र और राज्य की भागीदारी से चलने वाले इस मिशन के क्रियान्वयन पर आने वाले खर्च का 60 फीसदी धन केन्द्र देगा जबकि 40 फीसदी खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मिशन के तहत 2022 तक शहर के सभी गरीबों को आर्थिक मदद देकर आवास देने का लक्ष्य रखा गया है।

कई राज्यों ने अपने यहां यह योजना शुरू कर दी है लेकिन यूपी सरकार ने उत्सुकता नहीं दिखाई। लिहाजा, वित्त वर्ष 2015-16 में इसके तहत केन्द्रांश के तौर पर मिलने वाली करीब 300 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य को नहीं मिल पाई। 

अब राज्य सरकार ने करीब 10 महीने बाद इसे लागू करने का निर्णय किया है। सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। स्टेट अर्बन डवलपमेंट अथॉरिटी (सूडा) को मिशन के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।

इनको मिलेगा लाभ 
इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) श्रेणी के लिए आवास बनेंगे। 3 लाख सालाना आय वालों को ईडब्ल्यूएस और 3 से 6 लाख सालाना आय वालों को एलआईजी श्रेणी के आवास केलिए पात्र माना जाएगा। ईडब्ल्यूएस आवास का अधिकतम कारपेट एरिया 30 वर्ग मीटर और एलआईजी का कारपेट एरिया 60 वर्ग मीटर होगा।

चार घटकों में लागू होगा मिशन

green signal to pradhan mantri awas yojana
गरीबों को म‌िलेगा आश‌ियाना - फोटो : Demo

- ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी योजना:-इसके तहत ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए बैंकों से ऋण मिलेगा। ऋण के ब्याज पर सरकार 6.5 प्रतिशत सब्सिडी देगी, जो 15 साल तक के लिए मान्य होगा। सब्सिडी 6 लाख तक के ऋण पर लगने वाले ब्याज पर ही मिलेगी। इससे अधिकऋण लेने पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।

-स्लम पुनर्विकास योजना:- केन्द्र या राज्य सरकार के अलावा निकाय या निजी भूमि पर बसी मलिन बस्तियों केलोगों को निजी सहभागिता के आधार पर आवास बनाकर दिया जाएगा। ऐसी सभी परियोजनाओं में स्लम में रहने वालों के लिए बने घर खरीदने के लिए लाभार्थी को केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख और राज्य सरकार द्वारा 67 हजार रुपये अनुदान के तौर पर दिया जाएगा। जब तक यह परियोजना पूरी नहीं होगी तब तक इनके रहने का निशुल्क इंतजाम निजी विकासकर्ता को करना होगा। इस परियोजना में उन्हीं लाभार्थियों को आवास मिल सकेगा जो मिशन के लागू होने की तिथि 25 जून-2015 के पहले से संबंधित स्लम बस्ती में रह रहे हों।

-भागीदारी में किफायती आवास योजना:- इसमें ईडब्ल्यूएस के लाभार्थियों के लिए किफायती आवास बनाने के लिए सरकार निजी विकासकर्ता को वित्तीय सहायता देगी। इसके अलावा राज्य सरकार भी अपने एजेंसियों या निजी विकासकर्ताओं के साथ मिलकर आवासीय भवनों का निर्माण करेगी। परियोजना की लागत कम रखने के लिए राज्य सरकार भूमि के सर्किल रेट व स्टांप शुल्क में छूट देगी।
 
- व्यक्तिगत आवास योजना:- इस वर्ग में उन लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा जो किसी अन्य योजना का लाभ न ले रहे हों। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को नया आवास बनाने या पुराने आवास में सुधार कार्य के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा 1.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed