राहतः अब ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेगी एंबुलेंस
जाम-प्रदर्शन के बीच फंसकर एंबुलेंस में दम तोड़ते मरीजों के बीच राहत भरी खबर है। ट्रैफिक पुलिस ने ट्रॉमा से सिविल अस्पताल तक मंगलवार को एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया।
महज 7 मिनट में एंबुलेंस ने 7 किमी की दूरी तय कर ली। डालीगंज पुल, हाईकोर्ट चौराहा, गंज चौराहा पर एंबुलेंस की रफ्तार धीमी न पड़ती तो यह दूरी और कम समय में तय हो जाती।
ट्रायल से उत्साहित ट्रैफिक अफसरों का दावा है कि जल्द ही यह सुविधा गंभीर मरीजों और दमकल की गाड़ियों के लिए शुरू की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस अफसरों के मुताबिक शहर में आए दिन धरना-प्रदर्शन व जाम में एंबुलेंस फंसने से कई मरीजों की मौत बाद ग्रीन कॉरिडोर योजना की शुरू की जा रही है।
ट्रॉमा सेंटर से सिविल अस्पताल तक एंबुलेस का ट्रायल
इसे लेकर मंगलवार शाम करीब चार बजे ट्रॉमा सेंटर से सिविल अस्पताल तक एंबुलेंस का ट्रायल कराया गया। वायरलेस सेट पर रूट क्लीयर कराया गया। हर चौराहे के सिग्नल को ग्रीन कर दिया गया।
एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन ने बताया कि हर चौराहे पर ग्रीन सिग्नल था। यानी कहीं भी एंबुलेंस को रुकना नहीं था। पर, ट्रायल के दौरान सामने आया कि एंबुलेंस का सायरन बजने के बावजूद कई जगह लोगों ने रास्ता देने में देरी की।
ट्रैफिक अफसरों का कहना है कि एंबुलेंस से पहले निकलने के लिए लोग बढ़ते रहे। इससे एंबुलेंस की स्पीड कम हुई। अगर लोग भी सहयोग करें तो यह समय और भी कम हो सकता है।