मोदी ने बढ़ाया हाथ, खत्म होगी किसानों की समस्या
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किसानों की मदद को ग्रामीण इलाकों में बनने वाले गोदामों के निर्माण की बड़ी बाधा दूर हो गई है। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की सहमति के बाद इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की मद से लगभग 10 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए है। जिससे गोदामों के निर्माण का काम आगे बढ़ सकेगा। साथ ही किसानों को मजबूरी में अपनी उपज बेचने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
प्रदेश सरकार के आग्रह व किसानों की परेशानी का हवाला देने के बाद केंद्र सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की मदद से किसानों की सुविधा के लिए गांवों में छोटे गोदाम बनवाने पर राजी हो गई है।
हालांकि यह शर्त भी लगा दी है कि गोदामों के निर्माण के लिए आवंटित धनराशि किसी अन्य मद में व्यय नहीं की जा सकेगी। ऐसा करने पर कठोर कार्रवाई होगी। गोदामों का निर्माण पैक्फेड कराएगा।
उसकी डिजाइन में भी कोई बदलाव नहीं किया सकेगा। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता व समयसीमा का भी पालन करना होगा। कृषि विभाग की तरफ से आयुक्त एवं निबंधक सहकारी समितियां को इस सिलसिले में पत्र लिखकर कहा गया है कि कार्यदायी संस्था को दो समान किस्तों में धन दिया जाएगा। पहली किस्त का 75 प्रतिशत धन खर्च होने पर ही दूसरी किस्त दी जाएगी।
यह है योजना
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने गांवों में जगह-जगह उस क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप छोटे-छोटे गोदाम बनवाने का फैसला किया था। ताकि किसानों को अपनी उपज को ठीक से रखने की जगह व साधन उपलब्ध न होने के कारण मजबूरी में संबंधित वस्तु की बिक्री सस्ती दर पर न करनी पड़े।
लेकिन प्रदेश में गोदाम निर्माण में ढिलाई और मूल्य समर्थन योजना के तहत खरीद न होने से नाराज केंद्र सरकार ने गोदामों के निर्माण को बढ़ावा देने की इस योजना के लिए धन आवंटित करना बंद कर दिया, जिससे यह योजना फंस गई। पर, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुरोध पर केंद्र ने फिर से इस योजना के लिए स्वीकृति दे दी है।