सरकारी जमीन पर कब्जा किया तो होगा केस
ग्राम समाज और सरकारी जमीनों पर बेदखली की कार्रवाई के बाद दोबारा कब्जेदारी मिली तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इसके लिए तहसील स्तर पर हर पखवारे खाली सरकारी जमीन की सर्वे रिपोर्ट भी बनेगी। इसके आधार पर ही चिह्नित आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज होगा।
कार्रवाई में शिथिलता पर एसडीएम और तहसीलदार जिम्मेदार होंगे। मालूम हो कि चारों तहसील क्षेत्र में हुए सर्वेक्षण में 2226.29 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जेदारी चिह्नित हुई थी।
इसे कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की धीमी रफ्तार से नाराज डीएम राजशेखर ने इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया है।
डीएम ऑफिस को रिपोर्ट देने के आदेश
साथ ही हर पखवारे कब्जेदारी में फंसी स्टेटस रिपोर्ट तैयार कर इसमें से कब्जामुक्त कराई गई जमीन का विवरण तैयार करने का भी निर्देश दिया है।
इसके अलावा सभी एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि बेदखली कार्रवाई के बावजूद कब्जा न हटाने वालों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाए।
यही नहीं, अवैध कब्जेदारी को आपराधिक वाद मानते हुए कड़ी कार्रवाई कराई जाए। कहा गया है कि कब्जामुक्त हो चुकी जमीनों को तत्काल पंचायत घर, खेल मैदान अथवा सामुदायिक केंद्र के बतौर आरक्षित करा इसकी रिपोर्ट डीएम ऑफिस को दी जाए।