बदले भाजपा के 'नायक', थपथपाई अखिलेश की पीठ!
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राज्यपाल राम नाईक प्रदेश सरकार पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहते हैं लेकिन रविवार को उन्होंने सरकार की पीठ थपथपाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी।
स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में उन्होंने अपने अंदाज से कई बार तालियां बटोरीं। कहा, ‘मेरी सरकार ने अच्छा प्रबंध किया। जो कुछ बन पड़ा वह किया। न सिर्फ खाने-पीने का बढ़िया इंतजाम किया बल्कि प्रदेश की याद दिलाने वाली वस्तुएं भी भेंट की।'
उन्होंने कहा, 'कार्यक्रम को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अतिथियों से आग्रह है कि अच्छी व्यवस्था के लिए मेरी सरकार को धन्यवाद दें। अगर कहीं कोई कमी रह गई है तो वह कमी मेरी है। कहीं कमी लगी हो या कष्ट हुआ हो तो उसे मेरा दोष मानकर माफ कर दें क्योंकि संवैधानिक प्रमुख होने के नाते प्रदेश सरकार मेरी है।’
उन्होंने चुटीले अंदाज में स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को बुलाने की तारीफ की। कहा, अभी तक इस तरह के सम्मेलन में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को नहीं बुलाया जाता था। इस बार लखनऊ से यह परंपरा शुरू हो रही है। इसके लिए वह लोकसभा अध्यक्ष के आभारी हैं।
'ठप्पा तो राज्यपाल ही लगाता है'
राज्यपाल ने समापन भाषण में फिर चुटकी लेते हुए कहा कि यह अच्छी शुरुआत है। आखिर इस तरह के आयोजनों के लिए धन तो मुख्यमंत्री ही देता है। रही बात राज्यपाल की तो वह भी कम नहीं है, धन मुख्यमंत्री देता है लेकिन उस पर ठप्पा राज्यपाल लगाता है।
उम्मीद है, सुधरेगी स्थिति: विधान परिषद के सभापति गणेश शंकर पांडेय व विधानसभा के अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने उम्मीद जताई कि लखनऊ का सम्मेलन सदनों की कार्यवाही को सकारात्मक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उम्मीद है कि भविष्य में सदनों की कार्यवाही और प्रभावी होगी। जनता की इच्छा का सम्मान होगा। समापन समारोह को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर राज्यसभा के महासचिव शमशेर के. शेरिफ, लोकसभा के महासचिव अनूप मिश्र, विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे व विधान परिषद के प्रमुख सचिव नरेन्द्र चौबे व कॉन्फ्रेंस के संयोजक कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी भी मौजूद थे। राज्यपाल ने इन सबकी भी तारीफ की।