रामूवालिया का मंत्री पद बचा, दो अन्य को भी राज्यपाल ने दी मंजूरी
कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया का मंत्री पद आखिर बच ही गया। प्रदेश सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार रात उन्हें विधान परिषद सदस्य नामित कर दिया।
राज्यपाल ने मशहूर शायर वसीम बरेलवी और पूर्व में वाह्य सहायतित परियोजना व एनआरआई के सलाहकार रहे मधुकर जेटली को भी उच्च सदन में मनोनीत करने पर भी मुहर लगा दी। मत्स्य विकास निगम के चेयरमैन राजपाल कश्यप का मनोयन राज्यपाल ने एक बार फिर रोक लिया है।
राज्यपाल ने कश्यप के बारे में सरकार से कुछ और जानकारियां मांगी हैं। खास बात यह रही कि महज साढ़े तीन घंटे में ही सारी प्रक्रिया पूरी करके राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को मनोनयन संबंधी फाइल लौटा भी दी।
आनन-फानन में भेजी चार नामों की सूची
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के शुक्रवार को दिल्ली से लखनऊ पहुंचने के बाद सरगर्मियां तेज हुईं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलायम से मुलाकात के बाद आनन-फानन में अपरान्ह करीब चार बजे चार नामों की सूची राजभवन भेज दी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने नाईक को फोन करके मनोनयन संबंधी औपचारिकता जल्द से जल्द पूरी करने का अनुरोध किया ताकि रामूवालिया को शनिवार को शपथ दिलाई जा सके।
...तो छोड़ना पड़ता मंत्री पद
बलवंत सिंह रामूवालिया को मंत्री पद की शपथ लिए हुए 30 अप्रैल को छह माह पूरे हो जाएंगे। अगर शनिवार तक वह उच्च सदन के सदस्य नामित न होते तो उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ता।