बच्चों को प्रेरणा देने के लिए उन्हें प्रदेश की विभूतियों से मिलवाएं: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि परिषदीय स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई के साथ प्रदेश की विभूतियों से भी मिलाएं ताकि बच्चे उनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा लें। उन्होंने बेसिक शिक्षा में यूपी को 2022 तक प्रेरक प्रदेश बनाने का आह्वान किया। वे बृहस्पतिवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विवि में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय नेशनल सीएसआर कॉन्क्लेव के समापन सत्र में बोल रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि यूपी से कई सैन्य अधिकारी निकले हैं। कई पद्मश्री, पद्मविभूषण प्राप्त विभूतियां, अच्छे लेखक, कलाकार और साहित्यकार भी हैं। बच्चों को इनसे मिलाकर संवाद कराएं ताकि बच्चे आगे बढ़ने की प्रेरणा लें। बच्चों को डीएम समेत अन्य सरकारी दफ्तरों और समाचार पत्रों के ऑफिस ले जाकर वहां के कामकाज से रूबरू कराएं। इससे भी बच्चों का मनोबल बढ़ेगा।
राज्यपाल ने निजी स्कूल/कॉलेज प्रबंधन का आह्वान किया कि वे एक-एक सरकारी स्कूल को गोद लेकर उन्हें निजी स्कूल की तर्ज पर विकसित करें। बच्चों को प्रमुख स्थलों की सैर कराएं और उनसे अनुभव भी लिखवाएं। इससे पहले राज्यपाल ने बेसिक शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
शिक्षक मां के भाव से पढ़ाएं
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों में बच्चों के प्रति एक मां का भाव होना चाहिए। बच्चों के साथ मां की भूमिका निभाएंगे तो ही बच्चों के अध्ययन और शिक्षकों के अध्यापन का उद्देश्य पूरा होगा। इससे बच्चों का बौद्धिक और मानसिक विकास तेज होगा। बच्चे जितने प्रबुद्ध और सशक्त होंगे, देश उतना ही अधिक शक्तिशाली होगा। यह तभी संभव है जब बुनियादी शिक्षा सुदृढ़ हो।
राज्यपाल ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में आने वाले बच्चे संघर्ष कर और कठिन परिस्थितियों में स्कूल आते हैं। इन बच्चों को निजी स्कूल के बच्चों के समान न तो सुख सुविधाएं मिलती है, न ही विलासिता होती है।
शिक्षकों को चाहिए कि वे इन बच्चों की पढ़ाई और सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। उन्होंने स्कूलों में स्कूल-पुलिस कैडेट का भी गठन करने को कहा। गृह विभाग को इस संबंध में उन्होंने पत्र लिखा है।