फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Governments only wants support of Pasmanda Muslims.

UP News: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लगाया आरोप, सरकारें पसमांदा मुसलमानों को कुछ देना नहीं, सिर्फ जोड़ना चाहती हैं

Tue, 18 Oct 2022 11:16 AM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 18 Oct 2022 11:16 AM IST
सार

पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि सरकारें पसमांदा समाज का समर्थन तो चाहती हैं पर बदले में उन्हें कुछ देना नहीं चाहती हैं। उन्होंने पहले बनाए गए आयोगों की रिपोर्ट की समीक्षा करने की अपील की है।

विज्ञापन
Governments only wants support of Pasmanda Muslims.
पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें पसमांदा मुसलमानों को सिर्फ जोड़ना चाहती हैं, लेकिन कुछ देना नहीं चाहती।

विज्ञापन


उन्होंने धर्म बदलकर ईसाई या मुसलमान बने दलितों को आरक्षण का लाभ देने के प्रभाव पर विचार के लिए गठित केजी बाला कृष्णन आयोग में पसमांदा समाज की नुमाइंदगी न होने पर सवाल उठाए। वे प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय आयोग जिस तबके लिए बनाया गया है उसमें एक भी पसमांदा मुसलमान को शामिल न करना सरकार की नीयत पर संदेह पैदा करता है। पसमांदा समाज की सही रिपोर्ट उस तबके का ही व्यक्ति दे सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा सरकार पसमांदा मुसलमानों और धर्म बदलने वाले दलितों को आरक्षण देने पर वाकई गंभीर है तो काका कालेलकर आयोग, मुंगेरी लाल कमीशन, बीपी मंडल कमीशन, जस्टिस सच्चर आयोग, रंगनाथ मिश्रा आयोग जैसे पुराने आयोगों की रिपोर्ट की समीक्षा करे और खामियां दूर कर निर्णय ले। इस मौके पर मो. वसीम राईनी, फाजिल अंसारी व पप्पू कुरैशी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed