शिक्षा मित्रों को नहीं हटाएगी सरकार, सुविधाओं पर होगा विचार: डॉ. शर्मा
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों की समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगी। शिक्षा मित्रों के मांग पत्र पर न्याय, वित्त और कार्मिक विभाग से सलाह लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे। डॉ. शर्मा ने यह बातें सोमवार को शिक्षा मित्रों की समस्या के समाधान के लिए बनी उच्च स्तरीय समिति की बैठक में कहीं।
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठनों के प्रतिनिधियों को भी बात रखने का मौका दिया गया। शिक्षा मित्र दुष्यंत चौहान और कौशल कुमार ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने कट ऑफ कम कराने के लिए उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कराने का आश्वासन दिया है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि किसी भी शिक्षा मित्र को हटाया नहीं जाएगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के कौशल कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के अनिल यादव, संयुक्त सक्रिय शिक्षक शिक्षा मित्र समिति के दुष्यंत चौहान समेत कई लोगों ने अपना पक्ष रखा।
वहीं, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा प्रभात कुमार, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा संजय अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल और प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार मौजूद थे।
शिक्षा मित्रों की मांगें
शिक्षा मित्रों को दिए जा रहे अधिकतम 25 भारांक को लिखित परीक्षा के अंक में शामिल कराने, सेवा अवधि 62 वर्ष करने, 12 महीने मानदेय देने, मानदेय में प्रतिवर्ष वृद्धि और मेडिकल अवकाश, अगली भर्ती परीक्षा में कटऑफ को समाप्त करने की मांग रखी। साथ ही शिक्षा मित्रों को 9वीं अनुसूची में शामिल कराकर टीईटी से छूट दिलाने और सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षा मित्रों को अधिक मौका देने के लिए कट ऑफ कम करने के लिए उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।
बीएड टीईटी-2011 अभ्यर्थियों को नहीं मिल सकती नौकरी
बीएड टीईटी 2011 के अभ्यर्थियों को नौकरी देने में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने असमर्थता जाहिर की है। बैठक में बीएड टीईटी 2011 संघ के अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि 24 फरवरी 2017 के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत 839 अभ्यर्थियों की तरह उन्हें भी नियुक्ति दी जाए। इस पर अधिकारियों का तर्क था कि 24 फरवरी 2017 के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में सरकार को लिबर्टी दी है। बीएड टीईटी 2011 को नियुक्ति देना फिलहाल संभव नहीं है पर विभाग की ओर से मामले का परीक्षण कराया जा रहा है।