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नाविकों को लाइफ जैकेट, पतवार देगी सरकार, खरीदने और पुराने में इंजन लगाने के लिए ऋण दिलाने की तैयारी
Tue, 24 Nov 2020 12:08 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:08 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश सरकार नाविकों को टूलकिट के रूप में लाइफ जैकेट व पतवार उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाविकों को नई नौका खरीदने तथा पुरानी नौका में इंजन लगाने के लिए बैंक से ऋण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नाविकों का भुगतान समय से कराया जाए। वे सोमवार को अपने सरकारी आवास पर यूपी नाव दुर्घटना प्रबंधन, न्यूनीकरण एवं सुरक्षा नीति-2020 का प्रस्तुतीकरण देखने के दौरान ये निर्देश दिए।
सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त संजय गोयल ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित नीति का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में नाव दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाविकों को उचित प्रशिक्षण और बीडीओ व लेखपाल को नाव का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी जाए। ‘अमर उजाला’ ने 12 नवंबर के अंक में ‘योगी सरकार बनेगी सुरक्षित नैया की खेवैया’ शीर्षक से इस प्रस्ताव का खुलासा किया था। राहत आयुक्त ने नाव दुर्घटना प्रबंधन के लिए यूपी व अन्य राज्यों की मौजूदा व्यवस्थाओं, एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइन-2017 के प्रमुख प्रावधानों के साथ प्रस्तावित नीति के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने नीति को लेकर दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए।
सुरक्षित नौका परिवहन से जुड़े सभी संस्थाओं-विभागों को जिम्मेदारी
राहत आयुक्त ने बताया कि नीति के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। तहसील स्तरीय समिति के साथ परिवहन विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व, सिंचाई, पुलिस, जल पुलिस व पीएसी, चिकित्सा विभाग, एनडीआरएफ , नगर विकास व पंचायतीराज विभाग तथा नाविकों, नौका संचालकों के एसोसिएशन, नदी तटों पर होने वाले मेला-बाजार के आयोजकों, केंद्रीय जल आयोग व मौसम विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। नीति मेंविभिन्न स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग प्राप्त करने की भी व्यवस्था की गई है।
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सचिव राजस्व एवं राहत आयुक्त संजय गोयल ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित नीति का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में नाव दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाविकों को उचित प्रशिक्षण और बीडीओ व लेखपाल को नाव का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी जाए। ‘अमर उजाला’ ने 12 नवंबर के अंक में ‘योगी सरकार बनेगी सुरक्षित नैया की खेवैया’ शीर्षक से इस प्रस्ताव का खुलासा किया था। राहत आयुक्त ने नाव दुर्घटना प्रबंधन के लिए यूपी व अन्य राज्यों की मौजूदा व्यवस्थाओं, एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइन-2017 के प्रमुख प्रावधानों के साथ प्रस्तावित नीति के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने नीति को लेकर दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए।
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सुरक्षित नौका परिवहन से जुड़े सभी संस्थाओं-विभागों को जिम्मेदारी
राहत आयुक्त ने बताया कि नीति के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। तहसील स्तरीय समिति के साथ परिवहन विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व, सिंचाई, पुलिस, जल पुलिस व पीएसी, चिकित्सा विभाग, एनडीआरएफ , नगर विकास व पंचायतीराज विभाग तथा नाविकों, नौका संचालकों के एसोसिएशन, नदी तटों पर होने वाले मेला-बाजार के आयोजकों, केंद्रीय जल आयोग व मौसम विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। नीति मेंविभिन्न स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग प्राप्त करने की भी व्यवस्था की गई है।
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