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पूर्व वीसी को क्लीन चिट देने पर शासन ने एलडीए के अधिकारियों को फटकारा

Sat, 28 Nov 2020 01:56 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2020 01:56 AM IST
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Government scolded lda officials for giving clean chit to former vc
पूर्व वीसी को क्लीन चिट देने पर शासन ने एलडीए के अधिकारियों को फटकारा
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एलडीए के पूर्व वीसी सत्येंद्र सिंह ने प्राधिकरण में रहते हुए कोई वित्तीय क्षति नहीं की। पूर्व आईएएस के खिलाफ चल रही जांच में शासन को यह रिपोर्ट प्राधिकरण के अधिकारियों ने भेजी है।
इस पर शासन ने अफसरों को फटकार लगाते हुए रिपोर्ट दोबारा तलब की है। फटकार के बाद सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए अनावश्यक निर्माण को वित्तीय क्षति माना जाए या नहीं।
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मालूम हो कि उनके वीसी बनने पर एलडीए के पास 800 करोड़ की एफडी थी। जिसका इस्तेमाल ऐसे फ्लैट्स, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और बजट होटल बनाने में किया गया, जिनसे प्राधिकरण को कोई कमाई नहीं हो रही है और यह मोटा पैसा फंसा हुआ है।
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सत्येंद्र सिंह वर्ष 2013 से 2016 के बीच वीसी रहे थे। जलनिगम को दी गई जमीन के बदले बालकगंज में कई गुना मुआवजे की संस्तुति को ही अभी तक उनकी गलती माना गया है। इसमें भी मुआवजे का भुगतान नहीं हो सका था। ऐसे में वित्तीय क्षति नहीं दिखाई गई।
इससे नाराज शासन ने कहा कि एलडीए अधिकारी तय करें कि वित्तीय क्षति हुई या नहीं? यदि क्षति हुई है तो कितने का नुकसान हुआ? यह सूचना तत्काल मांगी गई है। अब वीसी अभिषेक प्रकाश ने सचिव और मुख्य अभियंता दोनों को इस पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
1200 करोड़ के 3200 फ्लैट्स बने सिरदर्द
एलडीए की जांच में सामने आया कि पूर्व आईएएस के कार्यकाल के दौरान ही बिना डिमांड सर्वे नौ व्यावसायिक भूखंडों पर अपार्टमेंट बनाए गए। इनमें रतनलोक व रश्मिलोक भी हैं। एलडीए इन फ्लैटों को बेच नहीं पाया है। कुर्सी रोड पर पहले से बन रहे तीन अपार्टमेंट का काम पूरा कराए जाने की जगह जनेश्वर एन्क्लेव का निर्माण शुरू करा दिया गया। सोपान एन्क्लेव-1 के फ्लैग एलडीए बेच नहीं पा रहा और सोपान एन्क्लेव-2 बनना शुरू हो गया। ऐशबाग टॉवर भी बिना डिमांड सर्वे बनाया गया। ऐसे करीब 1200 करोड़ रुपये के 3200 फ्लैट प्राधिकरण नहीं बेंच पाया हैं।
बजट होटल के नाम पर बना दी नौ मंजिला इमारत
कमता तिराहे पर बस अड्डे के लिए दी गई जमीन पर बजट होटल के नाम पर नौ मंजिला बिल्डिंग बना दी गई। पूर्व वीसी प्रभु एन सिंह ने किसी तरह बस अड्डा तो शुरू करा दिया। इसके बावजूद अधूरे प्रोजेक्ट को बेचने के लिए आरक्षित कीमत करीब 67 करोड़ रुपये है। 100 करोड़ से अधिक निवेश व लोकेशन को देखते हुए निवेशक हाथ खींच लेते हैं।

मल्टी एक्टिविटी सेंटर के बाद भी बना दिया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
आशियाना योजना में एलडीए का पहले से खेलों के प्रोत्साहन के लिए मल्टी एक्टिविटी सेंटर था। इसके बावजूद पराग चौराहे के पास इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर दिया गया। इसे भव्य बनाने में करीब 40 करोड़ खर्च कर दिए। अब कोई एजेंसी इसे किराए पर भी लेने को तैयार नहीं हैं। एसी कमरों में खेलों के उपकरण बंद हैं। इसी तरह रतनखंड में तीन मंजिला शॉपिंग कॉॅम्प्लेक्स खड़ा है।
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