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उन्नाव रेप कांड में आईएएस अदिति सिंह को सरकार की क्लीन चिट
Tue, 29 Sep 2020 08:40 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 29 Sep 2020 08:40 PM IST
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उन्नाव कांड के विरोध में निकाला कैंडल मार्च (फाइल फोटो)
- फोटो : etah news
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उन्नाव के चर्चित रेप कांड में राज्य सरकार ने तत्कालीन जिलाधिकारी अदिति सिंह के खिलाफ सीबीआई की रिपोर्ट को बेबुनियाद मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी है। अदिति सिंह मौजूदा समय में हापुड़ में जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। शासन ने सीबीआई की जांच रिपोर्ट को गलत मानते हुए किसी भी तरह की कार्रवाई किए जाने से इनकार कर दिया है।
शासन का मानना है कि सीबीआई ने अदिति सिंह के कार्यकाल में हुई गतिविधियों की जांच गंभीरता से नहीं की। अदिति सिंह के कार्यकाल में उन्नाव का पुलिस अधीक्षक कौन था? इसे भी सही से नहीं दर्शाया गया है। अदिति के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति बिना उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए कर दी गई जो प्राकृतिक न्याय के विपरीत है। शासन की ओर से कहा गया है कि अदिति सिंह का अब तक का प्रशासनिक कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है। उनके खिलाफ कोई शिकायत या प्रतिकूल तथ्य शासन के सामने नहीं आया है।
शासन की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि अदिति के द्वारा जन शिकायतों को गंभीरता से लेने का परिणाम है कि आईजीआरएस पोर्टल पर जिले को प्रदेश में निरंतर पहला स्थान मिलता रहा है। ऐसी द्वेषपूर्ण और निराधार जांच रिपोर्ट से अदिति की बेहतरीन प्रशासनिक सेवा को कलंकित और प्रशासनिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। शासन की ओर से कहा गया है कि अदिति सिंह पर लगाए गए सभी आरोप और कार्रवाई के लिए की गई संस्तुति पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाना विधि संगत नहीं है। नियुक्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्नाव रेपकांड मामले में अदिति सिंह के खिलाफ कार्रवाई समाप्त किए जाने की पुष्टि की है।
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शासन का मानना है कि सीबीआई ने अदिति सिंह के कार्यकाल में हुई गतिविधियों की जांच गंभीरता से नहीं की। अदिति सिंह के कार्यकाल में उन्नाव का पुलिस अधीक्षक कौन था? इसे भी सही से नहीं दर्शाया गया है। अदिति के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति बिना उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए कर दी गई जो प्राकृतिक न्याय के विपरीत है। शासन की ओर से कहा गया है कि अदिति सिंह का अब तक का प्रशासनिक कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है। उनके खिलाफ कोई शिकायत या प्रतिकूल तथ्य शासन के सामने नहीं आया है।
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शासन की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि अदिति के द्वारा जन शिकायतों को गंभीरता से लेने का परिणाम है कि आईजीआरएस पोर्टल पर जिले को प्रदेश में निरंतर पहला स्थान मिलता रहा है। ऐसी द्वेषपूर्ण और निराधार जांच रिपोर्ट से अदिति की बेहतरीन प्रशासनिक सेवा को कलंकित और प्रशासनिक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। शासन की ओर से कहा गया है कि अदिति सिंह पर लगाए गए सभी आरोप और कार्रवाई के लिए की गई संस्तुति पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई किया जाना विधि संगत नहीं है। नियुक्ति विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्नाव रेपकांड मामले में अदिति सिंह के खिलाफ कार्रवाई समाप्त किए जाने की पुष्टि की है।
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किसी शिकायतकर्ता ने नहीं की थी अदिति सिंह से मुलाकात
शासन का कहना है कि अदिति सिंह के कार्यकाल में कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़ी शिकायत लेकर कोई भी शिकायतकर्ता कभी भी उनके दफ्तर नहीं आया। अदिति सिंह को पहली शिकायत 15 अक्तूबर 2017 को आईजीआरएस के माध्यम से पोर्टल पर मिली। इसको गंभीरता से लेते हुए 19 अक्तूबर को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जांच करने के लिए आगे बढ़ा दिया। 25 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक ने यह शिकायत सीओ सफीपुर को भेज दी। 19 अक्तूबर से 26 अक्तूबर के बीच न तो पीड़िता, न ही शिकायतकर्ता और न ही किसी पुलिस अधिकारी द्वारा ऐसा तथ्य, प्रार्थनापत्र, या रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसके आधार पर प्रचलित जांच या विवेचना में उनके द्वारा सीधा हस्तक्षेप किया जाता। 25 अक्तूबर को अदिति सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया था। अदिति सिंह के हवाले से बताया गया है कि बीते तीन साल में एक बार भी सीबीआई ने इस प्रकरण के संबंध में कोई पत्राचार नहीं किया गया और न ही उन्हें बुलाया गया। उन्होंने उन्नाव की पुलिस अधीक्षक रहीं पुष्पांजलि के साथ कोई भी प्रशासनिक कार्य नहीं किया था। क्योंकि पुष्पांजलि ने अदिति के हटने के बाद पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्नाव में ज्वॉइन किया था।
आईपीएस नेहा पांडेय और पुष्पांजलि के खिलाफ भी कार्रवाई की है सिफारिश
सीबीआई ने पिछले महीने शासन को भेजी अपनी सिफारिश में उन्नाव की जिलाधिकारी रहीं अदिति सिंह के अलावा वहां एसपी के पद पर रहीं नेहा पांडेय और पुष्पांजलि देवी व अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की थी। आईपीएस अधिकारियों के बारे में शासन की ओर से अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है।
आईपीएस नेहा पांडेय और पुष्पांजलि के खिलाफ भी कार्रवाई की है सिफारिश
सीबीआई ने पिछले महीने शासन को भेजी अपनी सिफारिश में उन्नाव की जिलाधिकारी रहीं अदिति सिंह के अलावा वहां एसपी के पद पर रहीं नेहा पांडेय और पुष्पांजलि देवी व अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की थी। आईपीएस अधिकारियों के बारे में शासन की ओर से अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है।