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यूपी: शासन ने आईपीएस मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय जांच की समाप्त, प्रोन्नति का रास्ता हुआ साफ
Sat, 29 Jul 2023 11:03 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 29 Jul 2023 11:03 PM IST
सार
राजधानी के बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया था कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने श्रवण साहू को सुरक्षा नहीं दी।
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आईपीएस मंजिल सैनी
- फोटो : डेमो
विस्तार
आईपीएस मंजिल सैनी के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को शासन ने खत्म कर दिया है। जांच में क्लीन चिट मिलने के बाद अब उनकी प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। एनएसजी में डीआईजी मंजिल सैनी के खिलाफ सीबीआई ने विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद एडीजी इंटेलिजेंस भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित दो सदस्यीय समिति ने जांच की थी। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने मंजांच खत्म किए जाने की पुष्टि की है।
बताते चलें कि राजधानी के बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया था कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने श्रवण साहू को सुरक्षा नहीं दी। इस मामले में सीबीआई ने तत्कालीन डीएम गौरी शंकर प्रियदर्शी और एसएसपी मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। तत्पश्चात राज्य सरकार द्वारा गठित समिति ने संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए, जिसमें पाया गया कि मंजिल सैनी ने सुरक्षा देने को कहा था। इनमें श्रवण साहू का बेटा भी शामिल है।
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बताते चलें कि राजधानी के बहुचर्चित श्रवण साहू हत्याकांड की जांच सीबीआई ने की थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया था कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने श्रवण साहू को सुरक्षा नहीं दी। इस मामले में सीबीआई ने तत्कालीन डीएम गौरी शंकर प्रियदर्शी और एसएसपी मंजिल सैनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की थी। तत्पश्चात राज्य सरकार द्वारा गठित समिति ने संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए, जिसमें पाया गया कि मंजिल सैनी ने सुरक्षा देने को कहा था। इनमें श्रवण साहू का बेटा भी शामिल है।
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