हड़ताल के चलते हुई मासूम की मौत पर शासन ने मांगी केजीएमयू से रिपोर्ट
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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर से बच्चा वार्ड में शिफ्ट करते समय हुई तीन माह के मासूम की मौत और तीन अन्य की हालत बिगड़ने के मामले में शासन ने रिपोर्ट तलब की है। साथ ही बच्चों को दोबारा ट्रॉमा भेजने की वजह भी पूछी है। इससे पहले कर्मचारियों एवं छात्रों के बीच हुए विवाद पर भी रिपोर्ट तलब की गई थी। जल्द ही शासन की टीम केजीएमयू का निरीक्षण कर सकती है।
केजीएमयू की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों एवं कर्मचारियों के बीच हुए विवाद पर शासन ने सख्त रुख अपनाया था। केजीएमयू प्रशासन से पूरे हालात की रिपोर्ट तलब की गई थी।
यह भी निर्देश दिया था कि जांच कर मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जाए। प्रकरण की जांच चल रही थी कि शनिवार को ट्रॉमा सेंटर से बच्चा वार्ड शिफ्ट करते समय एक मासूम की मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य की हालत बिगड़ गई।
इस मामले में भी शासन ने रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों की मानें तो एक ही सिलेंडर से चारों बच्चों को ऑक्सीजन देने पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह भी सवाल उठाया है कि ट्रॉमा सेंटर से बाहर आते ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने की क्या वजह हो सकती है?
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशास ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें ट्रॉमा सेंटर में बच्चों के आने, उन्हें दिए इलाज के साथ ही उस वक्त क ार्यरत स्टाफ के बारे में भी जानकारी दी गई है। इस संबंध में केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने पहले इनकार कि या। फिर विवरण की जानकारी देने पर कहा, यह रूटीन की प्रक्रिया है। हर बड़े मामले में शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है।
व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे कर्मी
विश्वविद्यालय में इसकी चर्चा है कि एक के बाद एक लगातार हो रहे घटनाक्रम को देखते हुए किसी भी दिन शासन की टीम निरीक्षण करने आ सकती है। इसके मद्देनजर सोमवार को सभी विभागों में स्ट्रेचर से लेकर जांच लैब तक की व्यवस्था दुरुस्त करने में कर्मचारी जुटे रहे। रजिस्ट्रार राजेश कुमार राय का कहना है कि निरीक्षण के बारे में अधिकृत सूचना नहीं मिली है।