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तो क्या उपचुनावों से दूरी बनाएंगे वजीर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 23 Aug 2014 04:05 PM IST
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चर्चा-ए-आम है कि सूबे में नंबर दो की हैसियत रखने वाले वजीर की विधानसभा उपचुनावों में क्या भूमिका होगी?
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दरअसल ये वजीर सरकार और पार्टी में अपने मुखियाओं से नाराज चल रहे हैं।
अक्सर नाराजगी को हथियार बनाने वाले वजीर आजकल शिया धर्मगुरु से जुबानी जंग को लेकर तीखे तेवर अपनाए हुए हैं।
अमर सिंह से सपा नेतृत्व की नजदीकियां भी उन्हें बेचैन कर रही हैं, पर ऐसा लग रहा है कि उनके रुख का पार्टी में कोई समर्थन करने को तैयार नहीं है।
लगातार आठ दिन की उनकी बयानबाजी के बावजूद कोई विधायक, मंत्री, सांसद या नेता उनके साथ खड़ा होता नहीं दिखा।
‘रफीक-उल-मुल्क’ या वजीर-ए-आला भी उन्हें मनाने नहीं पहुंचे। विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन शुरू होने वाले हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ‘जनाब’ की उपचुनाव में भूमिका क्या होगी?
सपा मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने आए वेस्ट यूपी के एक नेता ने कहा, उनकी नाराजगी का संदेश जाता रहे तो ठीक है, शायद पार्टी को उपचुनावों में कुछ राहत मिल जाए।