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गोरखपुर जेल में प्रतिबंधित चीजें बिकवाने वाला जेलर सस्पेंड
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 14 Apr 2017 02:22 PM IST
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गोरखपुर जिला जेल के जेलर उदय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। योगी सरकार ने जिला जेल में छापे के दौरान मिली अनियमितताओं के बाद यह कार्रवाई की है। निलंबन के बाद उदय प्रताप को संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।
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एडीजी जेल गोपाल लाल मीना ने बताया कि पिछले दिनों गोरखपुर परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक जेल यादवेंद्र शुक्ला ने जिला जेल में छापा मारा था। इस दौरान वहां काफी अनियमितताएं मिली थीं।
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जेल में कुछ खास बंदी रक्षकों की ही ड्यूटी अति महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाई जाती थी। इससे अन्य बंदी रक्षकों में रोष था। विलंब से आने वाले मुलाकातियों से पैसा लेकर उनकी मुलाकात कराई जाती थी।
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यही नहीं, छापे के दौरान जेल की कैंटीन में गुटका, पान मसाना, तंबाकू, गुल, कोल्ड ड्रिंक जैसी प्रतिबंधित चीजें बिकती हुईं पाई गईं। इसके अलावा गेहूं व चावल जैसी सामग्रियों के खरीदे जाने के बाद उसे जेल में लाए जाने पर उनकी मात्रा का कहीं उल्लेख नहीं था। साथ ही कई अन्य गड़बड़ियां भी जेल में मिली थीं। इसी को देखते हुए एडीजी जेल ने उदय प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
जेल में खुलवा दी थी दुकान
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- फोटो : Internet
सपा सरकार में चर्चा में रहने वाले मंडलीय कारागार के जेलर उदय प्रताप सिंह पर कई गंभीर आरोप थे। बंदियों के लिए जेल में ही कोल्ड ड्रिंक और गुटका की दुकान चलवाने के साथ उनपर अनाज में अनियमितता का भी आरोप लगा था मुलाकातियों से वसूली की शिकायत जेल के हवलदार ने ही की थी।
इसके बाद ही डीआईजी जेल ने निरीक्षण किया था और सभी आरोप सही पाते हुए कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। सरकार बदलने के साथ ही जेलर पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। बृहस्पतिवार को चर्चाओं पर एडीजी जेल ने मुहर लगा दी।
नवंबर में गोरखपुर जेल का चार्ज लेने के बाद उदय प्रताप सिंह ने जेल में गल्ला गोदाम का चार्ज भी ले लिया। जेलर सपा सरकार के दौरान मनचाही पोस्टिंग पाने को लेकर भी चर्चा में रहे।
अब तक यह चार्ज डिप्टी जेलर के जिम्मे था। इसके बाद से ही जेलर पर एक के बाद एक आरोप लगने शुरू हो गए थे। अजान के गोदाम में भी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। आरोप था कि कैदियों के खाने में कटौती कर वह अनाज बचाते थे।
इसके बाद ही डीआईजी जेल ने निरीक्षण किया था और सभी आरोप सही पाते हुए कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। सरकार बदलने के साथ ही जेलर पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी। बृहस्पतिवार को चर्चाओं पर एडीजी जेल ने मुहर लगा दी।
नवंबर में गोरखपुर जेल का चार्ज लेने के बाद उदय प्रताप सिंह ने जेल में गल्ला गोदाम का चार्ज भी ले लिया। जेलर सपा सरकार के दौरान मनचाही पोस्टिंग पाने को लेकर भी चर्चा में रहे।
अब तक यह चार्ज डिप्टी जेलर के जिम्मे था। इसके बाद से ही जेलर पर एक के बाद एक आरोप लगने शुरू हो गए थे। अजान के गोदाम में भी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। आरोप था कि कैदियों के खाने में कटौती कर वह अनाज बचाते थे।