UP News: पुलिस खड़ी देखती रही... दबंगों ने महिला के मकान पर कर लिया कब्जा, दरोगा समेत तीन पर गिरी गाज
राजधानी में पुलिस खड़ी देखती रही और दबंगों ने महिला के मकान पर कब्जा कर लिया। दरोगा समेत तीन निलंबित किए गए हैं।
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राजधानी लखनऊ में कृष्णानगर के आजादनगर में पुलिसकर्मियों के सामने बुजुर्ग महिला के मकान पर कब्जा हो गया। कार्रवाई के बजाय पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। थाने से भी पीड़िता को टरका दिया गया। डीसीपी दक्षिणी से शिकायत के बाद हुई जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई है। चौकी प्रभारी आजाद नगर सुनील मौर्या, हेड कांस्टेबल कप्तान सिंह और कांस्टेबल मनमोहन को निलंबित कर दिया गया है। मकान कब्जाने वालों पर भी केस दर्ज किया गया है।
मोहारी बाग कासिमपुर पकरी में सुनीता देवी पति व बच्चों के साथ रहती हैं। सुनीता के मुताबिक, उन्होंने आठ लाख रुपये में विजय लक्ष्मी से उनके मकान का एग्रीमेंट कराया था और उसी में रह रही थीं। वर्ष 2020 में विजय लक्ष्मी का देहांत हो गया। इसके बाद से उस मकान पर फौजी काॅलोनी आजाद नगर निवासी संदीप यादव कब्जा करना चाहता था।
विरोध करने पर पिटाई कर दी
सुनीता का आरोप है कि 3 नवंबर की सुबह आरोपी अपने 10-12 साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। पति उस समय घर पर नहीं थे। आरोपियों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर मेरी पिटाई कर दी। यही नहीं, मेरे बाल पकड़कर घसीटते हुए मकान से बाहर निकाल कर ताला लगा दिया।
आरोपी उत्पात मचाते रहे
आरोप है कि घटना के समय स्थानीय पुलिस वहां मौजूद थी। मदद की गुहार लगाने पर भी पुलिसकर्मियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह है कि आरोपी उत्पात मचाते रहे। पीड़िता ने आजादनगर चौकी के पुलिसकर्मियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए डीसीपी दक्षिणी केशव कुमार से शिकायत की। डीसीपी ने मामले की जांच कराई। इसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई।
इनको किया गया निलंबित
जांच में सामने आया कि पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया। इस वजह से पीड़िता को परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ने चौकी प्रभारी आजाद नगर सुनील मौर्या, हेड कांस्टेबल कप्तान सिंह और कांस्टेबल मनमोहन को निलंबित कर दिया है। यही नहीं, मकान कब्जा करने के आरोपी संदीप और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट, उपद्रव, तोड़फोड़ और एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एडीसीपी को मामले की जांच
पुलिस अफसरों के मुताबिक इस पूरे प्रकरण में पुलिसकर्मियों की उदासीनता सामने आई है। कृष्णानगर थाने के इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। डीसीपी दक्षिणी ने एडीसीपी राजेश यादव को इसकी जांच सौंपी है। अफसरों का कहना है कि पीड़िता को थाने से टरकाने और मकान कब्जा कराने में जो भी पुलिसकर्मी शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।