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एकेटीयूः स्टार्टअप को बाजार के लिए अच्छी टीम जरूरी
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा ने रविवार को नोएडा कैंपस में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए सफल उद्यमियों के साथ बैठक की।
जिसका उद्देश्य उद्यमियों के अनुभव साझा लेने और प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए एक ढांचा विकसित करने में मदद लेना था।
बैठक में उद्यमियों ने विभिन्न उत्पादों और व्यावसायिक योजनाओं को विकसित करने के लिए अपने विचार साझा किए और सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि स्टार्टअप को बाजार के लिए तैयार करने को सक्षम टीम तैयार करना आवश्यक है, जिसमें टीम के सदस्यों का उचित कौशल विकास शामिल होगा।
स्टार्टअप्स के लिए फंड जुटाने में मदद करने के लिए नेटवर्क डेवलपमेंट की बात की गई। कॉलेजों में नोडल केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया गया।
जहां विशिष्ट प्रौद्योगिकी सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं, इनका प्रयोग इन्क्यूबेशन के लिए किया जा सकता है।
बैठक में प्रो. मिश्रा ने कहा कि ज्यादातर कॉलेज स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन पर जोर नहीं देते जो कि वर्तमान समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हों तो उन्हें कॉलेज में रहने की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि एकेटीयू विशेष रूप से उत्पाद के निर्माण, प्रशिक्षण और उपयोग में सुधार की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एक छात्र के लिए अपने इनोवेशन प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एक लैब स्थापित करना बहुत मुश्किल है। हम उस छात्र को सुविधाएं दे करके उसका सहयोग कर सकते हैं।
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बैठक में टेक मशीनरी लैब्स के सह संस्थापक और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव केडिया, ब्रिजडॉट्स के सह संस्थापक निखर जैन, इप्सेटर के सह संस्थापक वैभव सक्सेना, रेल यात्री संस्थापक टीम के सदस्य वैभव जैन, इंचार्ज इंक्यूबेशन प्रो. संदीप तिवारी शामिल थे।
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जिसका उद्देश्य उद्यमियों के अनुभव साझा लेने और प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना के लिए एक ढांचा विकसित करने में मदद लेना था।
बैठक में उद्यमियों ने विभिन्न उत्पादों और व्यावसायिक योजनाओं को विकसित करने के लिए अपने विचार साझा किए और सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि स्टार्टअप को बाजार के लिए तैयार करने को सक्षम टीम तैयार करना आवश्यक है, जिसमें टीम के सदस्यों का उचित कौशल विकास शामिल होगा।
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स्टार्टअप्स के लिए फंड जुटाने में मदद करने के लिए नेटवर्क डेवलपमेंट की बात की गई। कॉलेजों में नोडल केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया गया।
जहां विशिष्ट प्रौद्योगिकी सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध हैं, इनका प्रयोग इन्क्यूबेशन के लिए किया जा सकता है।
बैठक में प्रो. मिश्रा ने कहा कि ज्यादातर कॉलेज स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन पर जोर नहीं देते जो कि वर्तमान समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हों तो उन्हें कॉलेज में रहने की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
प्रो. मिश्रा ने कहा कि एकेटीयू विशेष रूप से उत्पाद के निर्माण, प्रशिक्षण और उपयोग में सुधार की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एक छात्र के लिए अपने इनोवेशन प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए एक लैब स्थापित करना बहुत मुश्किल है। हम उस छात्र को सुविधाएं दे करके उसका सहयोग कर सकते हैं।
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बैठक में टेक मशीनरी लैब्स के सह संस्थापक और इंडियन बायोगैस एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव केडिया, ब्रिजडॉट्स के सह संस्थापक निखर जैन, इप्सेटर के सह संस्थापक वैभव सक्सेना, रेल यात्री संस्थापक टीम के सदस्य वैभव जैन, इंचार्ज इंक्यूबेशन प्रो. संदीप तिवारी शामिल थे।