UP: 4500 पुलिस वालों को बड़ी सौगात
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हेड कांस्टेबल के पद पर लंबे अरसे से चली आ रही वेतन विसंगति शासन ने दूर कर दी है।
सुनिश्चित कॅरिअर प्रोन्नयन (एसीपी) व्यवस्था में संशोधन करते हुए शासन ने हेड कांस्टेबल को दरोगा के बराबर वेतन देने का आदेश जारी कर दिया है।
वित्त सचिव अजय अग्रवाल की ओर से 21 फरवरी को जारी शासनादेश से सूबे के विभिन्न जिलों में तैनात करीब 4500 हेड कांस्टेबल लाभान्वित होंगे।
तीन प्रमोशन देने का नियम
पुलिस महकमे के अराजपत्रित संवर्ग में कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक को नौकरी में तीन प्रमोशन देने का नियम है।
किन्हीं कारणों से प्रमोशन न हो पाने की स्थिति में भी ग्रेड पे मिलता रहता है।
नौकरी जॉइन करने के बाद पुलिसकर्मियों को 10 साल, 16 साल और 26 साल की सेवा पूरी करने से रिटायरमेंट तक नियमानुसार ग्रेड पे दिया जाता है।
छठे वेतन आयोग में हेड कांस्टेबल के पद पर 2400 ग्रेड पे का प्रावधान किया गया है।
अब भी है वेतन विसंगति
हालांकि, वेतन विसंगति के चलते इनका और कांस्टेबल का ग्रेड पे बराबर है, जबकि हेड कांस्टेबल को 10 साल की सेवा पूरी करने पर 2800 और 16 साल की सेवा पूरी करने पर दरोगा के बराबर 4200 ग्रेड पे मिलना चाहिए।
चूंकि, महकमे में हेड कांस्टेबल की भर्ती कांस्टेबल से ही होती है, इसलिए उन्हें कांस्टेबल के ग्रेड पे 2000 के आधार पर ही 16 साल की सेवा पूरी करने पर 2800 ग्रेड पे दिया जा रहा था।
शासनादेश में यह विसंगति समाप्त करते हुए एसीपी व्यवस्था में संशोधन कर दिया गया है। इसके तहत 16 साल की सेवा पूरी करने वाले हेड कांस्टेबल को 2800 की जगह 4200 ग्रेड पे दिया जाएगा।
ग्रेड पे में है 400 रुपये का अंतर
वर्तमान व्यवस्था में कांस्टेबल का ग्रेड पे 2000 है जबकि हेड कांस्टेबल का 2400। महकमे में अभी तक दोनों को एक ही तराजू में तौला जा रहा था।
यानी 16 साल की सेवा के बाद कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल दोनों को ही 2800 ग्रेड पे मिल रहा है।
लंबे समय बाद वेतन विसंगति खत्म करने संबंधी शासनादेश से हेड कांस्टेबल में खुशी की लहर दौड़ गई है।