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Lucknow News: गोमती और सई नदी का रूप हुआ विकराल, 3500 किसानों की फसल डूबी

Sat, 03 Oct 2026 02:23 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:23 AM IST
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Gomti and Sai rivers turn ferocious; crops of 3,500 farmers submerged.
बख्शी का तालाब में बाढ़।
लखनऊ। माल, इटौंजा, निगोहां, बंथरा व सैथा आदि क्षेत्र में गोमती और सई नदी का रूप विकराल होता जा रहा है। 24 घंटे में तीन से चार फीट पानी नदियों में बढ़ रहा है। इससे 3,500 से ज्यादा किसानों की धान, उड़द, बाजरा, चारे और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। उधर, फैजुल्लागंज में शुक्रवार को भी गोमती का जलस्तर बढ़ता रहा। इससे कई परिवार घर छोड़कर गृहस्थी के सामान के साथ दूसरी जगहों पर शिफ्ट होने लगे हैं।
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तालाब की बह गई मछलियां

माल। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बदइयां, टिकरी और बहरौरा गांवों के 1500 किसानों की धान, उड़द, बाजरा, सब्जी और चारे के खेतों से पानी बह रहा है। किसान प्रेमचंद, रामकली, भयंकर यादव, गुना कश्यप, मूलचंद और सियावती ने बताया कि उनके कच्चे घर गिर गए। बदइयां के किसान रज्जन आचार्य समेत सुखरानी, नन्हकी, राम आसरे यादव, मधु मौर्या, गोधन, राजाराम, राधे रावत और सुरेश सिंह ने बताया कि गांव की करीब 1,000 एकड़ जमीन पानी में डूब चुकी है। इससे पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है और बीमारियां फैलने की आशंका है। रिंकू और दिनेश कश्यप के दो तालाबों में पाली गई मछलियां भी बाढ़ के पानी के साथ बह गईं। एसडीएम अपराजिता आर्यन ने बताया कि टीम भेजकर नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। (संवाद)
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100 बीघा खेतों में घुसा सई का पानी
निगोहां। मोहनलालगंज क्षेत्र से गुजरने वाली सई नदी का जलस्तर रोजाना बढ़ रहा है। इससे जवाहरखेड़ा, चिरानी खेड़ा, मीरानपुर, बरवलिया आदि गांवों के 50 किसानों की करीब 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। रंजीतखेड़ा के दुर्गेश, रामसहाय, अशोक, मायाराम, सरवन, भरतलाल, दिनेश, बाबूलाल का कहना है कि धान की फसल ही उनके परिवार की साल भर की रोजी-रोटी का सहारा है। फसल खराब हुई तो आर्थिक संकट गहरा जाएगा। राती गांव के रमेश शर्मा, संजय, विनोद, संतोष, पूर्णमासी, बल्ले, मनोज तिवारी, देवी प्रसाद, पुत्तीलाल, प्रताप नारायण, गौरीशंकर, रामदेव, कालीचरण, मंगल, गुरुप्रसाद ने बताया कि खेतों से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। लेखपाल सरिता मौर्या ने शनिवार को पानी से भरे खेतों का निरीक्षण करने की बात कही है। (संवाद)
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डेढ़ दर्जन गांवों की सब्जी की फसल बेकार
बख्शी का तालाब। गोमती की इस बाढ़ से अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला, लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर, हीरापुरवा और चंद्रिका देवी मंदिर के अस्थायी दुकानदारों को नुकसान हुआ है। घरों-दुकानों में पानी घुसने से लगभग 350 की आबादी ने शुक्रवार को घर छोड़ दिया। वह रिश्तेदार और ऊंचे स्थान या गांव के बाहर आ गए, जबकि जमखनवा, दुघरा, हरदा, शिवपुरी, कथावारा, मल्लाहन खेड़ा, अस्तल, सरौरा, दुगवरी गांव की धान, लोबिया, उड़द के साथ बैगन, लौकी, तोरई, भिंडी, टमाटर, अरबी की फसलें डूब गई हैं। (संवाद)

बख्शी का तालाब में बाढ़।

बख्शी का तालाब में बाढ़।

बख्शी का तालाब में बाढ़।

बख्शी का तालाब में बाढ़।

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